10.1 C
London
Friday, May 1, 2026
Homeराष्ट्रीयघर में महिलाओं के योगदान को पैसे में नहीं तोल सकते, सुप्रीम...

घर में महिलाओं के योगदान को पैसे में नहीं तोल सकते, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Published on

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने घर की महिलाओं और उनके काम को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि होममेकर्स की आय को न्यूनतम मजदूरी कानून के तहत तय इनकम से कम नहीं माना जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि घर की महिलाओं का जो घर में योगदान है वह अमूल्य और बेहद अहम है। दरअसल, कोर्ट सड़क हादसे की शिकार एक महिला को मोटर वीइकल एक्ट के तहत दिए गए मुआवजे को बढ़ाने का आदेश देते हुए ये बातें कहीं।

महिलाओं का योगदान अव्वल
जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि होममेकर्स का जो घर में योगदान है उसका आकलन पैसे के तौर पर करना बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि महिला का अपने घर में योगदान बेहद उच्च है और वह अमूल्य है। साथ ही कहा कि होममेकर्स का रोल बेहद महत्वपूर्ण होता है। महिला जो योगदान घर में देती है अगर उसका एक-एक कर आकलन शुरू किया जाए तो इसमें संदेह नहीं है कि उसका योगदान बेहद अव्वल है और वह अमूल्य योगदान है।

क्या है पूरा मामला
सुप्रीम कोर्ट में एक महिला के दुर्घटना का मामला सुना जा रहा था। महिला के पति और बच्चों की ओर से अर्जी दाखिल की गई थी। 50 साल की महिला की कार एक्सिडेंट में मौत हुई थी। शुरुआत में महिला के परिजनों ने मोटर एक्सिडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में अर्जी दाखिल कर मुआवजे की मांग की। एमएसीटी ने इस मामले में 2.5 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का निर्देश दिया। इसके बाद याची ने उक्त मुआवजे की रकम से असंतुष्टि जाहिर करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन हाईकोर्ट से याची की अर्जी खारिज कर दी गई जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब महिला की मौत हुई थी तो उनकी उम्र 50 साल थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बताया गया कि महिला काम करती है लेकिन मान भी लिया जाए कि वह काम नहीं भी करती थी तो भी इसबात में संदेह नहीं है कि वह होममेकर थी और इस तरह से सीधी या परोक्ष आमदनी का आकलन न्यूनतम मजदूरी (दिहाड़ी) से कम नहीं आंका जा सकता है।

यह मामला उत्तराखंड का है। उत्तराखंड में न्यूनतम मजदूरी एक्ट है। उसके तहत तय दैनिक मजदूरी से कम का आकलन नहीं हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे में मृतका की आमदनी का आकलन 4 हजार रुपये प्रति महीने के बराबर माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने उक्त तथ्यों के आधार पर मुआवजे की राशि 6 लाख रुपये कर दी।

Latest articles

खराब मौसम से जबलपुर के बरगी डैम में डूबा क्रूज, छह लोगों की मौत, दस से ज्यादा की तलाश जारी

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर गुरुवार शाम तेज आंधी और तूफान...

नारी शक्ति वंदन संकल्प के लिए महिला प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 'नारी शक्ति वंदन' के संकल्प को महिलाओं का व्यापक समर्थन मिल...

पाली में कन्या महाविद्यालय भवन का लोकार्पण: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- राजस्थान में सुलभ शिक्षा और पारदर्शी भर्ती हमारी प्राथमिकता

पाली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पाली में नवनिर्मित कन्या महाविद्यालय भवन का लोकार्पण करते...

विधायक उदयलाल डांगी के पिता को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों को बंधाया ढांढस

उदयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को उदयपुर के डबोक पहुंचे, जहां उन्होंने...

More like this

बंगाल में 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा सरकार, असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी

केरल में 10 साल बाद UDF सरकार का अनुमान नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा...

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...