नई दिल्ली।
नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दोनों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के जरिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति यंग इंडिया कंपनी को ट्रांसफर की गई। कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार द्वारा “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह केस पूरी तरह झूठा और बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेतृत्व को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।एफआईआर में सोनिया और राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस से जुड़े तीन अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। आरोप है कि एजेएल की परिसंपत्तियों को यंग इंडिया के माध्यम से हेराफेरी कर ट्रांसफर किया गया।
