5.3 C
London
Monday, December 1, 2025
Homeहेल्थक्या अमीबा खा रहा है आपका दिमाग? एक्सपर्ट से जानें पहले 5...

क्या अमीबा खा रहा है आपका दिमाग? एक्सपर्ट से जानें पहले 5 लक्षण, सिरदर्द और बुखार को न करें हल्के में!

Published on

आज के दौर में सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि हमें पता नहीं चलता कि कब कौन-सी बीमारी हमला कर दे। अगर आपको हल्का-सा भी सिरदर्द या बुखार हो रहा है, तो इसे बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ न करें। आजकल दिमाग खाने वाला अमीबा (Brain-Eating Amoeba) तेजी से फैल रहा है, जो गर्म और गंदे पानी से हमारे शरीर में दाखिल होकर जानलेवा बन जाता है। यह अमीबा नाक के रास्ते दिमाग तक पहुँचता है और ‘प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस’ जैसी खतरनाक बीमारी पैदा करता है। यह संक्रमण बहुत दुर्लभ है, लेकिन एक बार होने पर तेज़ी से बढ़ता है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को पहचानना अति आवश्यक है। आइए, एक्सपर्ट डॉ. अर्पिता श्रीवास्तव से इसके 5 शुरुआती लक्षण जानते हैं।

अचानक तेज़ सिरदर्द होना

अमीबा संक्रमण का यह सबसे पहला और आम लक्षण है। इसमें मरीज़ को अचानक और बहुत तेज़ सिरदर्द होने लगता है। यह दर्द सामान्य सिरदर्द नहीं होता है और दवाई लेने पर भी इससे राहत नहीं मिलती। अगर आपको ऐसा बेकाबू सिरदर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए, क्योंकि यह बड़ा खतरा हो सकता है।

तेज़ी से बढ़ता तेज़ बुखार

जैसे ही अमीबा शरीर में प्रवेश करता है, संक्रमण तेज़ी से फैलना शुरू हो जाता है, जिससे बुखार अचानक तेज़ी से बढ़ जाता है। तापमान 100 डिग्री से ऊपर भी रह सकता है। कई लोग इसे वायरल इन्फेक्शन समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन अगर बुखार लगातार बना रहे, तो तुरंत इसकी जाँच करवाना बहुत ज़रूरी है।

उल्टी और जी मिचलाना

दिमाग में सूजन आने के कारण मरीज़ को जी मिचलाने (nausea), भूख न लगने और लगातार उल्टी होने जैसी परेशानी हो सकती है। शुरुआती लक्षण फूड पॉइजनिंग जैसे लग सकते हैं, लेकिन इस बीमारी में ये बेहद गंभीर हो जाते हैं। उल्टी और मतली का बार-बार होना दिमाग पर पड़ रहे असर की निशानी हो सकता है।

नाक में दर्द या जलन

अमीबा हमारे शरीर में नाक के ज़रिए ही प्रवेश करता है। इसलिए शुरुआती दिनों में आपको नाक में जलन, खुजली, या साइनस में भारीपन महसूस हो सकता है। नाक का यह असामान्य दर्द एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। अगर आपको ऐसे लक्षण दिखें, तो इन्हें बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि यहीं से खतरे की शुरुआत होती है।

घबराहट या चक्कर आना

जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, इसका असर सीधे दिमाग पर पड़ने लगता है। मरीज़ को अचानक घबराहट (confusion) या तेज़ चक्कर आ सकते हैं। यह लक्षण दर्शाता है कि बीमारी गंभीर रूप ले चुकी है और तुरंत इमरजेंसी इलाज की ज़रूरत है। इस स्थिति में देर करना जानलेवा साबित हो सकता है।

Read Also: IND vs SA: रोहित शर्मा ने रांची में रचा इतिहास, अफरीदी को पछाड़कर बने ‘सिक्सर किंग’, हिटमैन का सुपर-डुपर शो!

अमीबा से बचाव के आसान तरीके

  • गर्म पानी का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें।
  • नहाते या तैरते समय नाक में पानी न जाने दें। अगर चला जाए तो तुरंत साफ करें
  • गंदे पानी में जाने या तैरने से बचें

Latest articles

भेल विक्रम स्कूल में पहुंचे भेल डायरेक्टर रामनाथन पहुंचे स्कूल— नर्सरी, केजी वन, केजी टू, कक्षाओं का किया उद्घाटन

भेल भोपाल ।पिपलानी स्थिति भेल विक्रम हायर सैकेंडरी स्कूल में नर्सरी, केजी वन, केजी...

दिग्विजय सिंह ने मतदाता सूची में पकड़े 30 फर्जी नाम, बीएलओ नहीं दे पाए जवाब

भोपाल।केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश पर मतदाता पुनरीक्षण कार्य में गड़बड़ियों की शिकायतों की...

उज्जैन में मुख्यमंत्री के बेटे का सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुआ विवाह, कई विशिष्ट हस्तियाँ रहीं मौजूद

उज्जैन।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिनव और डॉ. इशिता का विवाह...

More like this

Baba Vanga की मौत किस बीमारी से हुई थी? स्तन कैंसर को माना जाता है रहस्यवादी भविष्यवक्ता की मृत्यु का कारण

एंजेलिया पाँडेवा गुश्तेरोवा को दुनिया बाबा वेंगा (Baba Vanga) के नाम से जानती है....