नई दिल्ली
एमसीडी कर्मचारियों के बकाए वेतन और पेंशन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि चार हफ्तों में सैलरी का भुगतान नहीं हुआ तो हम केंद्र को कहेंगे कि वो इसे भंग कर दे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एमसीडी को डिसॉल्व करने की चेतावनी दी है। हाईकोर्ट ने सेवारत कर्मचारियों के वेतन और पूर्व कर्मचारियों की पेंशन और बकाये का भुगतान करने में विफल रहने पर दिल्ली नगर निगम (MCD) को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा, कर्मचारियों का वेतन-पेंशन उन्हें मिलना चाहिए। अगर दिल्ली नगर निगम इसमें विफल रहती है तो डिसॉल्व करने पर विचार कर सकते हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों का मूल वेतन होता है। अगर एमसीडी इसका भुगतान करने में सफल नहीं हो रही है तो इसे भंग किया जा सकता है। कोर्ट ने चार हफ्ते का समय दिया है। कर्मियों की सैलरी और पेंशन का भुगतान तय समय में करने के लिए कहा गया। कोर्ट ने कहा कि चार हफ्तों में सैलरी का भुगतान नहीं हुआ तो हम केंद्र को कहेंगे कि वो इसे भंग कर दे।
एमसीडी कर्मियों के सैलरी-पेंशन मामले में इससे पहले भी कोर्ट ने सख्त रूख अख्तियार किया था। पहले हुई सुनाव के दौरान कोर्ट ने कहा था कि अब हम इंतजार नहीं कर सकते। कोर्ट ने चेतावनी में देते हुए कहा कि अब वह नगर निकाय की संपत्तियों को कुर्क करना शुरू कर देगा क्योंकि कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी वेतन और पेंशन के लिए निरंतर इंतजार नहीं कर सकते। कोर्ट ने ये भी कहा था कि अब हमारे आदेश पर एग्जीक्यूशन का वक्त है। हम उम्मीद में बैठे नहीं रह सकते। अब हमें अटैचमेंट की कार्यवाही शुरू करनी होगी।
