10.9 C
London
Friday, May 15, 2026
Homeराष्ट्रीयचुनाव आयोग ला रहा है एक नई ऐप, इलेक्शन से जुड़ी सभी...

चुनाव आयोग ला रहा है एक नई ऐप, इलेक्शन से जुड़ी सभी सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी

Published on

नई दिल्ली

चुनाव आयोग अब एक नया और आसान डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जिससे वोटर, चुनाव अधिकारी, राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन सभी को सुविधा मिलेगी। इस नए प्लेटफॉर्म का नाम ईसीआईनेट होगा। ईसीआईनेट चुनाव आयोग के पहले से मौजूद 40 से ज्यादा मोबाइल और वेबसाइट ऐप्स को एक साथ लाएगा और उन्हें नया रूप देगा। यह एक ही जगह से चलने वाला ऐसा ऐप होगा जिसमें चुनाव आयोग की 40 से ज़्यादा पुरानी मोबाइल और वेब ऐप्स को जोड़ दिया जाएगा। ईसीआईनेट के शानदार यूजर इंटरफेस के साथ इसे इस्तेमाल करना भी बहुत आसान होगा, क्योंकि सभी चुनावी काम एक ही जगह पर हो सकेंगे। अब लोगों को अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने और अलग-अलग लॉगिन याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो अन्य चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के सम्मेलन में इसकी योजना बनाई थी। ईसीआईनेट के माध्यम से उपयोगकर्ता अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर चुनाव से जुड़ी जरूरी जानकारी आसानी से देख सकेंगे।

चुनाव से जुड़ी ज़रूरी जानकारी आसानी से देख सकेंगे
ईसीआईनेट के माध्यम से उपयोगकर्ता अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर चुनाव से जुड़ी ज़रूरी जानकारी आसानी से देख सकेंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए कि जानकारी एकदम सही हो, ईसीआईनेट पर डेटा केवल अधिकृत चुनाव आयोग के अधिकारी ही डालेंगे। संबंधित अधिकारी द्वारा डेटा डालने से यह पक्का होगा कि हितधारकों को जो जानकारी मिले वह अधिक से अधिक सही हो। हालांकि, किसी भी विवाद की स्थिति में, वैधानिक प्रपत्रों में विधिवत भरा गया प्राथमिक डेटा मान्य होगा।

ईसीआईनेट में पहले से मौजूद कई ऐप्स जैसे वोटर हेल्पलाइन ऐप, वोटर टर्नआउट ऐप, सीविजिल, सुविधा 2.0, ईएसएमएस, सक्षम और केवाईसी ऐप शामिल होंगे। इन सभी ऐप्स को मिलाकर अब तक 5.5 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।

चुनाव अधिकारियों को फायदा होगा
उम्मीद है कि ईसीआईनेट से लगभग 100 करोड़ वोट करने वाले लोगों और पूरे चुनाव प्रक्रिया में काम करने वाले 10.5 लाख से ज़्यादा बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियुक्त लगभग 15 लाख बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए), लगभग 45 लाख पोलिंग अधिकारियों, 15,597 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ), 4,123 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और पूरे देश के 767 जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) को फायदा होगा।

Latest articles

देवास: पटाखा फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 3 मजदूरों की मौत, शवों के उड़कर दूर जा गिरे टुकड़े

मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30...

भीषण गर्मी से तपने लगा मध्य प्रदेश, पारा 45 डिग्री पार, मालवा-निमाड़ में लू का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। बीते दिनों आंधी-बारिश...

सीएम शुभेंदु का बड़ा कदम: बंगाल के स्कूलों में अब वंदे मातरम गीत गाना अनिवार्य, सख्ती से पालन करने का निर्देश

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में...

More like this

सीएम शुभेंदु का बड़ा कदम: बंगाल के स्कूलों में अब वंदे मातरम गीत गाना अनिवार्य, सख्ती से पालन करने का निर्देश

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में...

अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक का निधन: पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर लाया गया, विसरा सैंपल सुरक्षित

लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन...

असम के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंता, 2 बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से मंत्री बने, मोदी-शाह मौजूद रहे

गुवाहाटी। हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। असम के...