नई दिल्ली,
राजधानी दिल्ली में सरेआम एक शख्स एक के बाद एक कई राउंड फायरिंग करता है. पुलिस के एएसआई को गोली मारता है. एक राहगीर पर भी गोली चलाता है. इससे पहले एक बाइक सवार और बाद में एक ऑटो चालक उसके निशाने से बाल-बाल बचते हैं. लेकिन हमलावर यहीं नहीं रुकता वो चार गोली चलाने के बाद एक बार फिर पांचवी गोली चलाता है. लेकिन इस बार उसके निशाने पर कोई और नहीं बल्कि वो खुद था. और इसी के साथ उस सिरफिरे कातिल की कहानी भी खत्म हो जाती है. अब सवाल ये है कि आखिर वो शख्स कौन था? और उसकी इस खौफनाक करतूत की क्या वजह थी? चलिए जान लेते हैं इस मामले की पूरी कहानी.
16 अप्रैल 2024, वक्त- सुबह के करीब 11:45 बजे
दिल्ली के नंदनगरी इलाके में हर रोज की तरह अनगिनत वाहन सड़कों पर दौड़ रहे थे. तभी अचानक एक शख्स हाथ में पिस्टल लेकर मीत नगर फ्लाईओवर पर आता है. इससे पहले कि उसके हाथ में पिस्टल देखकर लोग कुछ समझ पाते, वो शख्स एक बाइक सवार को निशाना बनाकर गोली चला देता है. लेकिन बाइक सवार की किस्मत कहें या फिर हमलावर की चूक, वो बाइक सवार शख्स बाल-बाल बच जाता है.
अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
उसी बाइक सवार के पीछे-पीछे मोटरसाइकिल पर सवार होकर एक शख्स और आता है. पिस्टल हाथ में लिए शख्स एक बार फिर से गोली चलाता है. और गोली मोटरसाइकिल सवार उस शख्स के जिस्म में उतर जाती है. खून जिस्म से बाहर आने लगता है. वहां खड़े लोग फौरन उस घायल आदमी को लेकर नजदीकी अस्पताल लेकर जाते हैं. लेकिन बदकिस्तमी से वो आदमी बच नहीं पाता. इलाज मिलने से पहले ही उसकी मौत हो जाती है. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर उन्हें मृत घोषित कर देते हैं.
दिल्ली पुलिस का एएसआई था मृतक
मरने वाला शख्स कोई आम इंसान नहीं, बल्कि दिल्ली पुलिस के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) दिेनेश शर्मा थे. जो इस वक्त दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच में तैनात थे. जब हमलावर ने उनको निशाना बनाया तो उस वक्त वो अपनी मोटरसाइकिल संख्या डीएल डीएल 4एसवी- 3934 पर सवार होकर जा रहे थे.
गोली लगने से घायल हुआ स्कूटी सवार
हमलावर अभी भी नहीं रुकता. मोटरसाइकिल सवार को गोली मारने के फौरन बाद फिर से पिस्टल तान लेता है. और स्कूटी पर जा रहे एक शख्स को निशाना बनाकर गोली चलाता है. गोली उस स्कूटी सवार युवक की कमर में लगती है और वो वहीं सड़क पर गिर जाता है. उस शख्स की शिनाख्त 30 साल के अमित कुमार के तौर पर होती है. जो शिव विहार, करावल नगर के रहने वाले हैं. फिलहाल वो जीटीबी अस्पताल में भर्ती हैं.
ऑटो चालक पर फायरिंग
गोली कांड की ये कहानी अभी भी खत्म नहीं होती. हमलावर अब एक ऑटो में जाकर बैठ जाता है. और ऑटो ड्राइवर से चलने के लिए कहता है. जब ऑटो ड्राइवर महमूद उसकी बात नहीं मानता तो हमलावर ऑटो चालक पर भी गोली चला देता है, लेकिन ऑटो चालक ने तेजी के साथ ऑटो से कूद कर अपनी जान बचा लेता है.
ऐसे खत्म हुई हमलावर की कहानी
अब आप सोच रहे होंगे कि इस कहानी का दी एंड हो गया. लेकिन ऐसा नहीं है. ऑटो चालक के कूद जाने के बाद फौरन बाद ऑटो की पिछली सीट पर बैठा हमलावर एक बार फिर गोली चलाता है. लेकिन इस बार निशाना कोई और नहीं वो खुद था. उसने पिस्टल अपने सिर से सटाकर गोली चलाई और खुदकुशी कर ली. इसके साथ ही इस खूनी कहानी का अंत हो गया.
नंद नगरी इलाके का ही रहने वाला था हमलावर
इस गोलीकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. मीत नगर फ्लाई ओवर पर लोगों की भीड़ जमा हो गया. गोली चलने की वजह से दोनों तरफ का ट्रेफिक रुक गया था. पुलिस मौके पर पहुंची और कातिल की शिनाख्त की. इसके बाद पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि हमलावर का नाम मुकेश था. उसकी उम्र 44 साल थी. वो नंदनगरी झुग्गी इलाके का रहने वाला था. पुलिस ने बताया कि मुकेश ने इस खूनी वारदात को क्यों अंजाम दिया? यह फिलहाल साफ नहीं है. अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है.
मोटिव तलाश रही है पुलिस
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में अब तक जो छानबीन की है, ऐसा माना जा रहा है कि मृतक एएसआई दिनेश शर्मा और आरोपी एक दूसरे को पहले से जानते थे. ऐसा लगता है कि उनके आपस में कुछ मतभेद थे. हालांकि अभी तक इस बात पुष्टि नहीं हो सकी है. पुलिस इस गोलीकांड का मोटिव पता लगाने की कोशिश में जुटी है.
