11.6 C
London
Saturday, March 28, 2026
Homeराष्ट्रीयगौतम नवलखा की नजरबंदी सवालों के घेरे में, मामला एक बार फिर...

गौतम नवलखा की नजरबंदी सवालों के घेरे में, मामला एक बार फिर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

Published on

नई दिल्ली,

भीमा कोरेगांव हिंसा के आरोपी एक्टिविस्ट गौतम नवलखा की नजरबंदी का मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है. नवलखा की ओर से एनआईए पर हाउस अरेस्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन ना करने का आरोप है. वहीं NIA ने भी हाउस अरेस्ट के लिए तय किए गए घर पर आपत्ति जताई है. एनआईए ने कहा है कि नवलखा के मेडिकल रिकॉर्ड में छेडछाड़ की गई है. साथ ही एजेंसी ने हाउस अरेस्ट के भ्रामक स्थान का हवाला दिया है. एनआईए ने सुप्रीम कोर्ट से जुर्माने के साथ गौतम नवलखा की याचिका खारिज करने की मांग की है. गुरुवार को सुनवाई करते हुए CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए नजरबंदी का आदेश देने वाली बेंच के पास रखा जाए. नजरबंदी का आदेश जस्टिस केएम जोसफ की अगुआई वाली पीठ ने दिया था.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दस नवंबर को एक महीने के लिए नवलखा को तलोजा जेल से निकालकर नवी मुंबई में हाउस अरेस्ट के आदेश दिए थे. इसके लिए पीठ ने शर्ते भी लगाते हुए कहा था कि हाउस अरेस्ट के दौरान किसी तरह का कोई संचार उपकरण यानी कोई लैपटॉप, मोबाइल, कंप्यूटर आदि कुछ नहीं होगा. इस दौरान वो किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं होंगे. ना ही मीडिया से और ना ही इस मामले से जुड़े लोगों और गवाहों से भी बात नहीं करेंगे.

नवलखा की 70 साल की पार्टनर सहबा हुसैन को साथ रहने की इजाजत देते हुए कोर्ट ने कहा था कि घरेलू कामकाज, साफ-सफाई के लिए एक नौकरानी भी साथ रह सकेगी. दो परिजन हफ्ते में एक बार निश्चित अवधि के लिए नवलखा से मिल सकेंगे. उनके बारे में पुलिस को पहले से बताना होगा. नवलखा पुलिस अधिकारियो की ओर से उपलब्ध कराए गए मोबाइल फोन से रोज पांच मिनट तक घर वालों से बात कर सकेंगे. पुलिस अधिकारी निगरानी और फोन कॉल का रिकॉर्ड रख सकेंगे.

कोर्ट ने कहा था कि नवलखा को घर में नजरबंदी के दौरान स्मार्ट टीवी नहीं लेकिन बिना इंटरनेट वाला सामान्य TV और अखबार मिलेंगे. ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी जरूरत पड़ने पर घर के अंदर मुआयना भी कर सकते हैं. लेकिन याचिकर्ता को जांच के नाम पर परेशान नहीं करेंगे. पुलिस के साथ निगरानी में एक बार घर से बाहर आकर टहल भी सकेंगे. लेकिन टहलने के दौरान किसी से बात नहीं करेंगे. जेल मैन्युअल के मुताबिक अपने वकील से मुलाकात कर सकेंगे. खर्च का भुगतान पुलिस कमिश्नर के पास ड्राफ्ट के जरिए करना होगा.

Latest articles

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 घटी, कीमतों को स्थिर रखने का फैसला

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10-₹10 प्रति लीटर की...

भोपाल में खौफनाक वारदात: 80 उपद्रवियों के बीच फंसा परिवार, 6 साल की मासूम के सिर पर तलवार से हमला

भोपाल राजधानी के शाहजहानाबाद इलाके में बुधवार देर रात मानवता को शर्मसार करने वाली घटना...

पटरी पार करते समय बड़ा हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से बुजुर्ग पूर्व टेलर की मौत

भोपाल राजधानी के ऐशबाग थाना इलाके में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया।...

भोपाल: ऐतिहासिक ईदगाह मस्जिद में मोबाइल टावर निर्माण पर बवाल, AIMIM कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी झड़प

भोपाल राजधानी की ऐतिहासिक ईदगाह मस्जिद की पार्किंग में मोबाइल टावर लगाए जाने को लेकर...

More like this

रामनवमी पर प्रदेशभर में धार्मिक आयोजन, मंदिरों में विशेष पूजा और भंडारे

भोपाल रामनवमी के पावन अवसर पर मप्र के विभिन्न शहरों में श्रद्धा और उत्साह के...

राजधानी में दो दिन में छह नाबालिग किशोरियां लापता, पुलिस ने शुरू की तलाश

भोपाल राजधानी में दो दिनों के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों से आधा दर्जन नाबालिग...

दादाजी धाम मंदिर में धूमधाम से मनाया गया श्री राम जन्मोत्सव

भोपाल रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रसिद्ध आस्था केंद्र दादाजी धाम मंदिर में शुक्रवार...