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खुद को पीछे कर असली हीरो को आगे कर दिया… ISRO चीफ सोमनाथ के इस जज्बे को सलाम है

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नई दिल्ली

भारत ने इतिहास रच दिया है। भारत का चंद्रयान-3 मिशन पूरी तरह सफल हुआ है। इसरो के चीफ एस सोमनाथ ने चंद्रयान 3 की सफलता में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। उन्हीं के नेतृत्व में चंद्रयान 3 का मिशन आगे बढ़ा और भारत ने सफलता हासिल की लेकिन चंद्रयान 3 की सफलता के मौके पर इसरो चीफ सोमनाथ ने एक लीडर के तौर खुद को पीछे करके चंद्रयान 3 की टीम को पूरी दुनिया से से मिलवाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद इसरो चीफ ने सोमनाथ ने कहा कि इस मौके पर मैं उन लोगों को बधाई देता हूं जो इस सफलता के पीछे हैं। उन्होंने चंद्रयान 3 के प्रोजेक्टर डायरेक्टर पी वीरमुथुवेल से परिचय कराया। पी वीरमुथुवेल तमिलनाडु के विल्लुपुरम के रहने वाले हैं। वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT-M) के पूर्व छात्र हैं। इसरो चीफ ने जैसे ही परिचय कराया तो इसरो का मुख्यालय तालियों से गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने एसोसिएट डायरेक्टर कल्पना से परिचय कराया और उन्होंने हाथ मिलाकर चंद्रयान 3 की सफलता की बधाई भी दी।

पूरी टीम से कराया परिचय
इसरो चीफ ने इसके बाद उन्होंने इस मिशन के ऑपरेशन डायरेक्टर श्रीकांत से परिचय कराया और सेटेलाइट बिल्ट करने के काम को संभालने वाले एम शंकरन इंट्राेड्यूस किया। इसके बाद इसरो चीफ मोबाइल पर पीएम से फोन कॉल अटेंट करने के लिए पीछे हट गए और चंद्रयान 3 की टीम को मंच दे दिया। चंद्रयान के प्रोजेक्टर डायरेक्टर पी वीरमुथुवेल ने चंद्रयान की सफलता और आखिर के कुछ मिनटों के मुश्किल के बारे में बताया। इस मिशन के आखिरी 17 मिनट को लेकर सबके मन में सवाल था। चंद्रयान-3 की लैंडिंग पर पूरी दुनिया की नजरें थीं। चंद्रयान-3 के लिए सबसे अधिक चुनौती थी सॉफ्ट लैंडिंग के आखिरी 17 मिनट की। इसी 17 मिनट को सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण शुरुआत से बताया गया था, हालांकि चंद्रयान 3 पूरी तरह से सफल रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की पूरी टीम के साथ चंद्रयान 3 की टीम को बधाई दी और उन्होंने कहा कि अब चांद से जुड़े मिथक, कथानक और कहावतें बदल जाएंगी।

कौन हैं एस सोमनाथ?
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चीफ डॉ. एस सोमनाथ ने पिछले साल जनवरी में काम संभाला था। इसके बाद वे भारत के चंद्रमा मिशन के लिए सबसे अहम व्यक्ति बन गए थे। एस सोमनाथ इसरो से पहले विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) में एक निदेशक के तौर पर काम कर चुके हैं। एस सोमनाथ ने इंडियन इंस्ट्रीट्यूट ऑफ बेंगलुरू से पढ़ाई की है। केरल के अलापुझा जिले में जन्मे सोमनाथ का पूरा नाम श्रीधर परिकर सोमनाथ है। उनका जन्म जुलाई 1963 में हुआ था। सोमनाथ बतौर छात्र काफी मेधावी रहे हैं। वे कॉलेज दिनों में पढ़ाई के दौरान टॉपर्स में आते थे।

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