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परिवार में किसी को मंकीपॉक्स तो दूसरे सदस्यों को कितना खतरा, डॉक्टर ने बताया

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तिरुवनंतपुरम

देश में मंकीपॉक्स के चार केस मिलने से हड़कंप मच गया है। रविवार को राजधानी दिल्ली में मंकीपॉक्स का मरीज मिला जिसकी कोई इंटरनैशनल ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। केरल में तीन मरीज पहले ही सामने आ चुके हैं। देश में बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखते हुए केंद्र ने उच्चस्तरीय बैठक की। वहीं मंकीपॉक्स के प्रसार को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमर्जेंसी घोषित कर दिया है। इस बीच केरल के एक प्रफेसर का दावा है कि मंकीपॉक्स से कम्युनिटी प्रचार की संभावना नहीं है क्योंकि करीबी संपर्क में इसके ट्रांसमिशन की आशंका बेहद कम 10 फीसदी है।

केरल के मलप्पुरम के मंजेरी स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में कम्युनिटी मेडिसिन के असोसिएट प्रफेसर डॉ. अनीश टीएस बताते हैं, अब तक मंकीपॉक्स के तीन केस केरल में आ चुके हैं। मरीजों को इसके प्रसार से बचाने के लिए 21 दिन के लिए आइसोलेशन में रखा गया है।’

‘मंकीपॉक्स के ट्रांसमिशन की 10 फीसदी से भी कम आशंका’
डॉ. अनीश आगे कहते हैं, ‘राज्य में कम्युनिटी स्प्रेड की संभावना नहीं है। करीबी पारिवारिक संपर्कों में भी मंकीपॉक्स के ट्रांसमिशन की 10 फीसदी से भी कम आशंका है।’ वह खसरा निगरानी प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हैं। उनका कहना है कि मंकीपॉक्स दिखने में चेचक या खसरा जैसा है।

ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी है मंकीपॉक्स
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकीपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने कहा कि 70 से ज्यादा देशों में इस वायरल इन्फेक्शन का प्रसार बेहद असाधारण स्थिति है। डब्ल्यूएचओ की बैठक में इस बीमारी को इमरजेंसी घोषित करने पर आम सहमति नहीं थी। यह पहली बार है जब बिना आम सहमति के किसी बीमारी को इमरजेंसी करार दिया गया है।टेड्रोस से कहा कि यह ऐसी बीमारी है जो दुनिया में नए-नए तरीकों से फैल रही है, जिसके बारे में हम बहुत कम जानते हैं। इन कारणों के चलते, मैंने तय किया है कि मंकीपॉक्स पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी है।

दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला केस
उधर, रविवार को दिल्ली में मंकीपॉक्स के पहले मरीज की पुष्टि हुई है। 34 साल का शख्स इस बीमारी से संक्रमित मिला है, जिसे लोक नायक अस्पताल (एलएनजेपी) में आइसोलेट किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मामले की पुष्टि पुणे के नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) की ओर से की गई है। इसमें कहा गया है, ‘मरीज वर्तमान में लोक नायक अस्पताल में आइसोलेशन सेंटर में है। करीबी संपर्क लोगों की पहचान की गई है, जो एमओएचएफडब्ल्यू दिशानिर्देशों के अनुसार क्वारंटीन में हैं।’

केंद्र की उच्चस्तरीय बैठक
मंकीपॉक्स के बढ़ते मामले देख केंद्र ने रविवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। सूत्रों ने कहा कि बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने की और इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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