नई दिल्ली,
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे मंगलवार को लातूर और सोलापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे थे. इस दौरान दोनों ही जगह हेलीपैड पर चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उनके बैग और हेलीकॉप्टर की जांच की. इससे पहले सोमवार को भी चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उनके हेलीकॉप्टर की जांच की थी. उद्धव ठाकरे इस कार्रवाई से भड़क गए और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाया.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी भी सोलापुर में थे, फिर उनके हेलिकॉप्टर की तलाशी क्यों नहीं ली गई. शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘पिछली बार जब पीएम मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी ली गई थी, तब ओडिशा में एक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया था. मुझे तलाशी लेने वाले अधिकारियों से कोई शिकायत नहीं है, बल्कि उन लोगों से शिकायत है, जो जानबूझकर ऐसा करवा रहे हैं.’ सूत्रों ने चुनाव आयोग के अधिकारियों के हवाले से बताया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले लेवल प्लेइंग फील्ड सुनिश्चित करने के लिए सभी एसओपी का पालन किया जा रहा है.
भारत के निर्वाचन आयोग ने उद्धव ठाकरे के आरोपों का जवाब दिया है. ECI का कहना है, ‘नेताओं के हेलिकॉप्टर की जांच के संदर्भ में आयोग के अधिकारियों द्वारा सख्त प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है. 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी सत्ताधारी दल के प्रमुख नेताओं के हेलिकॉप्टर की तलाशी ली गई थी. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के हेलिकॉप्टर की तलाशी 24 अप्रैल, 2024 को बिहार के भागलपुर जिले में और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हेलिकॉप्टर की तलाशी 21 अप्रैल, 2024 को बिहार के कटिहार जिले में हुई थी.’
