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“2020 राष्ट्रपति चुनाव इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला, जाँच कराओ!” डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों उठाई ये ‘जबरदस्त’ मांग?

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सुर्खियों में हैं. उन्होंने इस चुनाव में धांधली (Rigging) का आरोप लगाते हुए इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला (Biggest Scam in History) बताया है. ट्रंप ने न केवल न्यायिक जाँच की मांग की है, बल्कि चेतावनी दी है कि अगर अभी जाँच नहीं हुई तो भविष्य में और भी बड़ी धोखाधड़ी हो सकती है.

आइए जानते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप ने ये मांग क्यों की और उनके आरोपों की असलियत क्या है.

1. 2020 चुनाव को बताया “सबसे बड़ा घोटाला”

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘ट्रुथआउट’ पर एक पोस्ट लिखकर 2020 के चुनाव को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 2020 का राष्ट्रपति चुनाव इतने बड़े पैमाने पर धांधली वाला था कि इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला माना जाना चाहिए.

  • “बेवकूफ बना राष्ट्रपति”: ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि इसी धांधली के कारण दुनिया के सबसे बड़े देश, अमेरिका का राष्ट्रपति एक “बेवकूफ” (Fool) बन गया.
  • NBA जुआ घोटाले से तुलना: उन्होंने इस घटना को NBA जुआ घोटाले जैसा बताया और उम्मीद जताई कि न्याय विभाग इस “घोटाले” की गहराई से जाँच करेगा.

2. मेल-इन वोटिंग और वोटर ID पर सख्त मांग

ट्रंप ने चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की मांग की है, जो उनके अनुसार भविष्य में धांधली को रोक सकते हैं.

  • मेल-इन वोटिंग बंद हो: उन्होंने मेल-इन वोटिंग (Mail-in Voting) के चलन को तुरंत खत्म करने की मांग की, जिसे लेकर वह लंबे समय से सवाल उठाते रहे हैं.
  • वोटर ID अनिवार्य: उन्होंने मतदान के लिए वोटर ID कार्ड (Voter ID Card) को अनिवार्य करने की वकालत की.
  • भविष्य की चेतावनी: ट्रंप ने चेताया कि अगर इस घोटाले की जाँच नहीं हुई, तो मिडटर्म चुनाव में भी इसी तरह की धांधली हो सकती है.’

यह भी पढ़िए: प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’

3. ट्रंप के आरोपों को किया गया खारिज

यह ध्यान देने योग्य बात है कि 2020 के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप जो बिडेन से हार गए थे. अपनी हार के बाद से ही, ट्रंप लगातार चुनाव में धोखाधड़ी के दावे कर रहे हैं, लेकिन उनके ये दावे चुनाव अधिकारियों और अदालतों द्वारा पूरी तरह से खारिज किए जा चुके हैं.

  • प्रमाणों की कमी: ट्रंप के दावों से जुड़े 60 से अधिक मामले सबूतों की कमी के कारण विभिन्न अदालतों में खारिज कर दिए गए हैं.
  • सरकारी एजेंसियों की राय: न्याय विभाग (DOJ) और साइबर सुरक्षा और बुनियादी ढांचा सुरक्षा एजेंसी (CISA) जैसी सरकारी एजेंसियों ने भी स्पष्ट किया है कि 2020 का चुनाव सबसे सुरक्षित चुनाव था.
  • आरोप क्या थे?: ट्रंप ने वोटिंग मशीनों में हेरफेर, मेल-इन मतपत्रों की चोरी और मृत लोगों द्वारा मतदान करने जैसे कई झूठे आरोप लगाए थे.

4. कैलिफ़ोर्निया की आलोचना

ट्रंप ने अपने पोस्ट में कैलिफ़ोर्निया के एक प्रस्ताव की भी आलोचना की, जिसे वह चुनाव की विश्वसनीयता के लिए खतरा मानते हैं. हालांकि, उन्होंने अपनी हार के बाद से लगातार जनता की राय को अपनी ओर मोड़ने और अपनी पार्टी के समर्थकों को लामबंद करने के लिए इन दावों का सहारा लिया है

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