6.5 C
London
Sunday, April 19, 2026
Homeराष्ट्रीय2036 तक 152.2 करोड़ हो जाएगी हमारी आबादी, जानिए इसमें कैसे छुपी...

2036 तक 152.2 करोड़ हो जाएगी हमारी आबादी, जानिए इसमें कैसे छुपी है गुड न्यूज

Published on

नई दिल्ली

देश की की जनसंख्या 2036 तक 152.2 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। सोमवार को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने इस संबंध में एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में महिला और पुरुष के लिंगानुपात में सुधार होगा। इसका अर्थ है कि महिलाओं की संख्या में थोड़ा सुधार होगा। यह 2011 के 48.5% की तुलना में 48.8% हो जाएगी।

15 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या में कमी
‘भारत में महिलाएं और पुरुष 2023’ नामक इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या 2011 से 2036 के बीच घटेगी। ऐसा जन्म दर कम होने की वजह से हो सकता है। इसके उलट, 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों की संख्या में इस दौरान काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

महिलाओं की स्थिति में बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2036 की जनसंख्या की तुलना में 2011 की जनसंख्या में महिलाओं की संख्या कम थी। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, लिंगानुपात में सुधार हो रहा है। साल 2011 में हर 1000 पुरुषों पर 943 महिलाएं थीं, लेकिन 2036 तक यह बढ़कर 952 हो जाने की उम्मीद है। यह लैंगिक समानता की दिशा में एक अच्छी शुरुआत है।

यह रिपोर्ट भारत में महिलाओं और पुरुषों की स्थिति की पूरी जानकारी देती है। इसमें जनसंख्या, शिक्षा, स्वास्थ्य, कामकाज और फैसले लेने की स्थिति के बारे में आंकड़े दिए गए हैं। रिपोर्ट में शहरों और गांवों के बीच और अलग-अलग राज्यों के बीच के अंतर को भी दिखाया गया है। इन आंकड़ों को अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के आंकड़ों से लिया गया है।

क्यों महत्वपूर्ण हैं ये आंकड़े?
लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और मापने के लिए लैंगिक आंकड़े बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये हमें प्रगति का पैमाना देते हैं और पुरुषों और महिलाओं के बीच समानता और अंतर को दिखाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से 2020 के बीच 20 से 24 साल और 25 से 29 साल की उम्र वाली महिलाओं में बच्चे पैदा करने की दर कम हुई है। यह दर पहले 135.4 और 166.0 थी, जो घटकर 113.6 और 139.6 हो गई। वहीं, 35 से 39 साल की उम्र वाली महिलाओं में बच्चे पैदा करने की दर 32.7 से बढ़कर 35.6 हो गई है। इसका मतलब है कि जीवन में बसने के बाद महिलाएं परिवार बढ़ाने के बारे में सोच रही हैं।

महिलाओं की शिक्षा है अहम
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में अनपढ़ महिलाओं में किशोर अवस्था में बच्चे पैदा करने की दर 33.9 थी, जबकि पढ़ी-लिखी महिलाओं में यह दर 11.0 थी। इसी तरह, अगर देखा जाए तो जिन महिलाओं को पढ़ना-लिखना आता है लेकिन उन्होंने कभी स्कूल नहीं गया, उनमें यह दर 20.0 थी, जो अनपढ़ महिलाओं की तुलना में काफी कम है। इससे यह बात फिर से साबित होती है कि महिलाओं को शिक्षित करना कितना जरूरी है।

2036 तक 152.2 करोड़ आबादी
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जनसंख्या 2036 तक 152.2 करोड़ हो जाएगी। इसमें महिलाओं की संख्या भी थोड़ी बढ़कर 48.8% हो जाएगी, जो 2011 में 48.5% थी। हर 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या भी बढ़ेगी। साल 2011 में यह 943 थी, जो 2036 तक 952 हो जाएगी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अब से पहले की तुलना में कम बच्चे पैदा हो रहे हैं और बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है। साथ ही, पुरुषों और महिलाओं के बीच कई क्षेत्रों में अंतर भी दिखाई दे रहा है।

Latest articles

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया सम्मानित

रायपुर। भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक दिलाने वाली छत्तीसगढ़...

राजस्थान की बेटियां हर क्षेत्र में बना रही हैं अपनी विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की छात्राओं के साथ वर्चुअल संवाद के माध्यम...

77वें राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की शिरकत

जयपुर। राजस्थान पुलिस के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह...

More like this

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...

गेल (इंडिया) ने उप्र और महाराष्ट्र में लगाएगी 700 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता का सोलर प्लांट

नई दिल्ली। गेल (इंडिया) लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में 700 मेगावाट सौर...