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Friday, March 13, 2026
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पुलिस को नहीं मिली भगदड़ वाले स्पॉट की CCTV फुटेज, हादसे वाले दिन 260 की जगह RPF के सिर्फ 80 जवान थे तैनात

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नई दिल्ली

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ के मामले में हर दिन नई बातें सामने आ रही हैं। अब पता लगा है कि प्लैटफार्म नंबर-14-15 की जिन सीढ़ियों पर यह हादसा हुआ था, वहा लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ही नहीं है। जब पुलिस ने इस कैमरे की फुटेज को चेक करना चाहा, तो पुलिस को सब ब्लैंक मिला। जबकि अन्य सभी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज उपलब्ध है। हालांकि, सूत्र बता रहे हैं कि भगदड़ वाला मुख्य पॉइंट एक ही है। बाकी दो पॉइंट में एफओबी और प्लैटफॉर्म पर अफरा-तफरी की बात कही गई है। फिलहाल पुलिस रेलवे के दो सदस्यों की जांच कमिटी की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आते ही पुलिस एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू करेगी।

260 की जगह केवल 80 जवान थे तैनात
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हम रेलवे की जांच रिपोर्ट आते ही मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करेंगे। जांच कर रहे सूत्रों ने यह भी बताया कि 16 प्लैटफॉर्म वाले नई दिल्ली स्टेशन पर सामान्य दिनों में आरपीएफ के करीब 260 जवान तैनात रहते हैं, लेकिन 15 फरवरी को यहां मात्र 80 जवान ही थे। सूत्रों का कहना है कि नई दिल्ली स्टेशन के लिहाज से 80 जवानों की संख्या बेहद कम है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्टेशन के तमाम एंट्री और एग्जिट पॉइंट के अलावा सभी प्लैटफॉर्म और अन्य जगहों पर कितने जवान तैनात रहे होंगे।

महाकुंभ के लिए भेजे गए कई जवान
सूत्रों का यह भी कहना है कि महाकुंभ के लिए कई स्टेशनों पर तैनात आरपीएफ के जवानों को वहां भेजा गया है। इस वजह से भी यहां आरपीएफ के जवानों की संख्या कुछ कम थी। जीआरपी के एक सूत्र ने बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 208 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। दिल्ली पुलिस ने जब इसका सिक्योरिटी ऑडिट किया था, तब उसमें पाया था कि कम से कम कैमरों की संख्या यहां 500 होनी चाहिए। ऐसे में नई दिल्ली स्टेशन पर करीब 300 ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं, जहां कैमरे लगाए जाने की तुरंत जरूरत है। सूत्रों ने बताया कि जो कैमरे लगे हैं। उनमें भी आए दिन कोई ना कोई खराब रहता है। हादसे वाली रात प्लैटफॉर्म नंबर-14 पर सीढ़ियों को कवर करने वाला सीसीटीवी कैमरा भी खराब था। दिल्ली पुलिस को इस कैमरे से हादसे वाले दिन की कोई फुटेज नहीं मिली।

सीसीटीवी कैमरों की नहीं मिली फुटेज
पुलिस का कहना है कि अब हमें यह नहीं पता कि कैमरे से कोई छेड़छाड़ की गई है या फिर वह खराब था। लेकिन जांच करने पर हादसे वाले स्पॉट पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज नहीं मिली। अन्य कैमरों की फुटेज हमने देखी हैं। हादसे के बाद अब पूरे स्टेशन पर आरपीएफ ने भी अपने 80 जवानों की संख्या बढ़ाकर 250 कर दी है। वहीं, पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के भी करीब 350 जवान तैनात कर दिए हैं।

आरपीएफ की एक प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आई
इधर, आरपीएफ की एक प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें भगदड़ का मुख्य कारण कुंभ स्पेशल ट्रेन का दो अलग-अलग प्लैटफॉर्म से घोषणा करना माना जा रहा है। आरपीएफ के इंस्पेक्टर ने अपनी प्राथमिक जांच में बताया है कि 15 फरवरी की रात करीब 8:45 बजे जब एफओबी-2 और 3 पर जमा भीड़ को क्लियर कराने का प्रयास किया जा रहा था। तभी घोषणा हुई कि प्रयागराज जाने वाली कुंभ स्पेशल प्लैटफॉर्म-12 से जाएगी। इसके कुछ समय बाद ही स्टेशन पर फिर से यह घोषणा की गई कि कुंभ स्पेशल प्लैटफॉर्म-16 से जाएगी। इसके चलते यात्रियों में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। जबकि उस समय प्लैटफॉर्म नंबर-14 पर मगध एक्सप्रेस और प्लेटफार्म नंबर-15 पर उत्तर संपर्क क्रांति खड़ी थी।

घोषणा सुनने के बाद यात्री प्लैटफॉर्म नंबर-12-13 और 14-15 से सीढ़ियों के रास्ते एफओबी-2 पर चढ़ने का प्रयास करने लगे। मगध एक्सप्रेस, उत्तर संपर्क क्रांति और प्रयागराज एक्सप्रेस के यात्री भी सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे। इन सभी के बीच धक्का-मुक्की होने लगी और कुछ यात्री सीढ़ियों से फिसलकर गिरने लगे। उनके उपर से अन्य यात्री गुज गए। यह सूचना सेक्टर इंचार्ज एएसआई धनेश्वर ने सीसीटीवी के माध्यम से रात 8:48 बजे ऑन ड्यूटी स्टेशन अधीक्षक को दी। आरपीएफ की इस रिपोर्ट पर यकीन करें तो यह रेलवे के दावों से मेल नहीं खाती है।

रेलवे के ही विंग में दो अलग-अलग राय
भगदड़ के मामले में रेलवे के ही विंग में दो अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। हादसे वाली रात पहले जहां रेलवे की तरफ से इस मामले को भगदड़ बताने से देर रात तक इनकार किया जाता रहा, वहीं बाद में बताया गया कि प्लैटफॉर्म बदलने से नहीं बल्कि 20-25 यात्रियों के कुंभ स्पेशल ट्रेन को प्लैटफॉर्म नंबर-14 से 12 पर जाकर पकड़ने की वजह रही। जिसमें सीढ़ियों पर बैठे लोगों पर एक महिला यात्री के सिर पर रखी पोटली गिरी। जिसके बाद भगदड़ मची। लेकिन आरपीएफ की शुरुआती रिपोर्ट प्लैटफॉर्म नंबर-12 और 16 से कुंभ स्पेशल ट्रेन के जाने की घोषणा करना दिखा रहा है। जिसे पकड़ने के लिए भगदड़ मची। सचाई क्या है? यह रेलवे की दो सदस्य जांच कमिटी की रिपोर्ट के बाद ही पता लग सकेगी। इसके बाद पुलिस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करेगी, तब उसमें भी कुछ फैक्ट सामने आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के बारे में रेलवे का कहना है कि यह आरपीएफ इंस्पेक्टर की एक चिट्टी है, जिसे रिपोर्ट मान लिया गया है। जिसमें इंस्पेक्टर का अपना व्यू है। यह रिपोर्ट नहीं है। दो सदस्यों की कमिटी की रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।

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