नई दिल्ली,
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 103 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी. इनमें 4 कीर्ति चक्र (तीन मरणोपरांत); 18 शौर्य चक्र (चार मरणोपरांत); 1 सेना पदक (वीरता), 63 सेना पदक (दो मरणोपरांत); 11 नौसेना पदक (वीरता); और 6 वायु सेना पदक (वीरता) शामिल हैं. राष्ट्रपति ने विभिन्न सैन्य अभियानों में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए आर्मी डॉग केंट (मरणोपरांत) सहित 39 मेंशन-इन-डिस्पैच को भी मंजूरी दी. इन ऑपरेशनों में ऑपरेशन रक्षक, ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, ऑपरेशन सहायता, ऑपरेशन हिफ़ाज़त, ऑपरेशन ऑर्किड और ऑपरेशन कच्छल शामिल हैं.
मेंशन-इन-डिस्पैच एक प्रकार का सैन्य दस्तावेज होता है, जिसमें दुश्मन का सामना करने वाले सैनिक के शौर्य तथा पराक्रम की गाथा वर्णित होती है. पिछले साल सितंबर में जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकवाद विरोधी अभियान में सैन्य टीम का नेतृत्व करते हुए शहीद हुए कर्नल मनप्रीत सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है. बता दें कि कीर्ति चक्र शांतिकाल के दूसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कारों में से एक है. दो अन्य जवानों- राइफलमैन रवि कुमार (मरणोपरांत) और मेजर मल्ला राम गोपाल नायडू के अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस के उपाधीक्षक हिमायूं मुजम्मिल भट्ट को भी कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है.
सीआरपीएफ को 52 पुलिस वीरता पदक
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सबसे अधिक 52 पुलिस वीरता पदक मिले हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की. सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुल पदकों में से 25 पदक जम्मू-कश्मीर में अभियान के दौरान कार्रवाई के लिए दिए गए हैं, जबकि 27 पदक वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों में एंटी नक्सल ऑपरेशन के लिए दिए गए हैं. पुरस्कार पाने वालों में उपनिरीक्षक रौशन कुमार भी शामिल हैं.
जम्मू-कश्मीर पुलिस को 31 वीरता पदक
उन्हें फरवरी 2019 में बिहार में माओवादियों के खिलाफ उनकी वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए मरणोपरांत वीरता पदक दिया गया है. सहायक कमांडेंट तेजा राम चौधरी को जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ अलग-अलग अभियानों में साहस दिखाने के लिए इस बार दो वीरता पदकों से सम्मानित किया गया है. सीआरपीएफ के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस का स्थान है, जिसे 31 वीरता पदक मिले हैं, जबकि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस को 17-17 वीरता पदक मिले हैं.
