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पठानकोट हमले के जल्लाद को मिल गई अपने किए की सजा, ‘अज्ञात’ की हो रही जय जय

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नई दिल्ली

ऐसे समय में जब गाजा पट्टी में इजरायल बमबारी कर रहा है, भारत की सोशल मीडिया पर आज अचानक पठानकोट हमले की चर्चा शुरू हो गई। दरअसल, पाकिस्तान में पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ को मार दिया गया है। जैसे ही यह खबर आई, सोशल मीडिया पर ‘अज्ञात लोगों की जय-जय’ होने लगी। हां, भारत के इस मोस्ट वॉन्टेड आतंकी की सियालकोट में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि तड़के एक मस्जिद में घुसकर लतीफ को गोली मारी गई। NIA ने UAPA के तहत शाहिद पर केस दर्ज किया था। इस समय भारत के खिलाफ आतंक की फसल काटने वाले गुनहगारों के बुरे दिन चल रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में वे चाहे कनाडा में हों, लंदन या पाकिस्तान में, उनका अपने आप सफाया हो रहा है। वे आपस में ही लड़ मर रहे हैं। पाकिस्तान में ढेर किया गया 41 साल का लतीफ जैश का ऐक्टिव मेंबर था। वह भारत में आतंकी वारदातों के लिए पाकिस्तानी युवाओं की भर्ती करता था। इस खबर पर खुशी जाहिर करते हुए प्रणव प्रताप ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ‘अनजान व्यक्तियों को बधाई, शुभकामनाएं, शुक्रिया, साधुवाद।’ अंकित अवस्थी ने लिखा, ‘कनाडा से लेकर पाकिस्तान तक अज्ञात लोग भारत मां की सेवा कर रहे हैं।’

बीजेपी ने सोनिया पर बोला हमला
भाजपा के कई नेताओं ने इस खबर को शेयर करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने लिखा कि शाहिद लतीफ उन 25 पाकिस्तानी आतंकियों में से एक था जिन्हें 2010 में सोनिया गांधी ने पाकिस्तान के प्रति सद्भावना संकेत के तहत रिहा किया था। इसके 6 साल बाद ही शाहिद ने पठानकोट हमले को अंजाम दिया। वह जम्मू की जेल में 16 साल तक रहा था। भारत में सजा पूरी करने के बाद उसे वाघा के रास्ते पाकिस्तान डिपोर्ट किया गया था।

शाहिद लतीफ की क्राइम कुंडली

  • 1994 में उसे आतंकवाद से जुड़े एक मामले में जम्मू से पकड़ा गया था। वह जम्मू जेल में मसूद अजहर के साथ रहा।
  • बताते हैं कि 1999 में जब इंडियन एयरलाइंस का प्लेन आईसी 814 हाइजैक किया गया तो आतंकी चाहते थे कि लतीफ को भी छोड़ा जाए लेकिन सरकार ने मना कर दिया।
  • 2010 में कांग्रेस सरकार में लतीफ और कुछ अन्य आतंकियों को पाकिस्तान डिपोर्ट कर दिया गया। वह पाकिस्तान में आतंकियों का हैंडलर बन गया।

पठानकोट में क्या हुआ था
2 जनवरी 2016 को हथियारों से लैस आतंकियों ने पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हमला बोल दिया था। इस हमले में 4 हमलावरों, 7 सुरक्षाकर्मियों और एक आम नागरिक की जान गई थी। तीन दिनों तक गोलियों की आवाज सुनाई देती रही थी। अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान की धरती पर जैश-ए-मोहम्मद को सबसे बड़ा झटका लगा है। पिछले महीने लश्कर-ए-तैयबा के मुफ्ती कैसर फारूक और जियाउर रहमान कराची में मारे गए थे। इस साल की शुरुआत में रावलपिंडी में हिजबुल कमांडर बशीर अहमद पीर मारा गया था। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नहीं।

इस साल भारत के दुश्मन धुआं-धुआं
1. शाहिद लतीफ, जैश आतंकी, 11 अक्टूबर, पाकिस्तान
2. हरदीप निज्जर, खालिस्तानी आतंकी, 18 जून, कनाडा
3. परमजीत सिंह पंजवार, खालिस्तान कमांड फोर्स का सरगना, 6 मई, लाहौर (पाकिस्तान)
4. अवतार सिंह खांडा, खालिस्तानी आतंकी, 15 जून, लंदन

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