नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई के दौरान एक शख्स ने कोर्ट से कहा कि अगर उसकी बात नहीं सुनी गई तो वह आत्महत्या कर लेगा। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें समझाया और कहा कि आप इतने कमजोर कैसे हो सकते हैं। याचिकाकर्ता खुद ही पेश हुआ था और लगातार हिंदी में अपनी बात रखने की कोशिश की तब सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना भी उसे हिंदी में भी जवाब दिया और उसे समझाने की कोशिश की।
इंजीनियरिंग कॉलेज से जुड़ा केस
दरअसल जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच में मामले की सुनवाई चल रही थी। इस दौरान एक शख्स खुद ही मामले में पेश हुआ और उसका मामला कुछ इंजीनियरिंग कॉलेज से संबंधित था। पिटिशनर ने हिंदी में अपनी बातें रखनी शुरू की और कहा कि वह एक जगह से दूसरी जगह जा रहा है और फिर अब सुप्रीम कोर्ट में वह आए हैं। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में याची ने पीएम से लेकर कई सुप्रीम कोर्ट के जज और हाई कोर्ट के जज को भी प्रतिवादी बना रखा था।
‘आप इतने कमजोर नहीं हैं’
जस्टिस खन्ना ने याचिकाकर्ता से कहा कि आपने जिस तरीके से याचिका को ड्राफ्ट किया है उससे किसी जज के सामने कोई कानूनी रास्ता नहीं निकल पाएगा। तब याचिकाकर्ता ने कहा कि वह आत्महत्या कर लेगा। इस पर जस्टिस खन्ना ने उससे कहा कि आप इस तरह से ना बोलें आप इतने कमजोर नहीं हैं।
तो आप लीगल ऐड में जाएं
जस्टिस खन्ना ने इस दौरान याचिकाकर्ता की अर्जी का जब निपटारे के लिए आदेश पारित करना शुरू किया तब दोबारा याचिकाकर्ता ने कहा कि वह आत्महत्या कर लेगा। इस पर जस्टिस खन्ना ने उन्हें कहा कि आप अपना दायरा पार कर रहे हैं। कृपया चुप हो जाएं। आप अपने आप को इतना कमजोर समझ रहे हैं। ऐसे आप हमें कहेंगे तो यह एक तरह से कोर्ट को धमकी देने जैसा है। हमने आपको समझाया है। आपको कुछ दिक्कत है तो आप लीगल एड में जाएं वह आपको समझाएंगे। आपको इस केस में थोड़ा काउंसलिंग की जरूरत है।
