नई दिल्ली
फेसबुक पर एक बेहद खूबसूरत लड़की के प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट और इसके बाद मेसेंजर में Hi का मेसेज। धीरे-धीरे प्यारभरी बातचीत का सिलसिला और फिर वॉट्सऐप नंबर की अदला-बदली। बस यहीं से शुरू होता था असली खेल, जिसमें बीवी वॉट्सऐप पर न्यूड होकर वीडियो कॉल करती और पति कैमरा लेकर उसका वीडियो बनाता था। ये कहानी है कानपुर में सेक्सटॉर्शन गैंग चलाने वाले एक ऐसे पति-पत्नी की, जो अभी तक ना जाने कितने लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। अपने गैंग में इन्होंने करीब आधा दर्जन लड़कियों को भी भर्ती किया हुआ था। फिलहाल ये गैंग पुलिस की गिरफ्त में है और पूछताछ में सामने आई पति-पत्नी की हकीकत हैरान कर देने वाली है।
पुलिस के मुताबिक, संध्या और इंद्रजीत पति-पत्नी हैं। संध्या का कहना है कि इस धंधे में उसका पति ही उसे लेकर आया था। कानपुर के रहने वाले इंद्रजीत और संध्या सेक्सटॉर्शन के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इनके गैंग में आधा दर्जन से ज्यादा लड़कियों और महिलाओं के अलावा 7 लोग और हैं। सभी के काम भी बंटे हुए थे। गैंग में शामिल कुछ मेंबर उन लोगों की लिस्ट देते थे, जिन्हें फेसबुक पर फंसाया जा सकता है। कुछ लोग सीधे वॉट्सऐप कॉल करने के लिए मोबाइल नंबर जुटाथे थे। जबकि, तीन लोग सीबीआई और क्राइम ब्रांच के फर्जी अफसर बनकर लोगों को धमकाते थे।
संध्या की फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू होता था खेल
सबसे पहले फर्जी आईडी के जरिए संध्या फेसबुक पर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती थी। उसके प्रोफाइल पर किसी खूबसूरत लड़की का फोटो लगा होता था। जैसे ही सामने वाला उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करता, संध्या तुरंत मेसेंजर में Hi लिखकर भेजती। इसके बाद कुछ प्यारभरे मेसेज भेजकर वो अपने शिकार के साथ बातचीत आगे बढ़ाती और उसका वॉट्सऐप नंबर मांग लेती। नंबर मिलते ही रात के वक्त संध्या अपने शिकार को वीडियो कॉल करती और बातों ही बातों में उसके सामने न्यूड हो जाती। इस दौरान पास ही बैठा संध्या का पति इंद्रजीत कैमरे से इस वीडियो कॉल को रिकॉर्ड कर लेता।
सहारनपुर में खोल रखा था बैंक खाता
अगले दिन गैंग में शामिल राहुल सिंह, दीपक कुमार और रिंकू फर्जी पुलिसवाले बनकर उस आदमी को फोन करते, जिसके साथ संध्या ने वीडियो कॉल पर अश्लील चैट की थी। ये तीनों उसे वीडियो भेजकर ब्लैकमेल करते और उससे मोटी रकम ऐंठ लेते थे। ये रकम सहारनपुर जिले के छुटमलपुर इलाके में केनरा बैंक के एक खाते में ट्रांसफर कराई जाती। जांच में पुलिस को पता चला कि ये खाता फर्जी आईडी के जरिए खोला गया था। खाते में रकम ट्रांसफर होते ही गैंग के लोग इसे निकाल लेते और सबको अपना-अपना हिस्सा मिल जाता।
टीवी सीरियल देखकर ली ट्रेनिंग
पुलिस के मुताबिक, गैंग में शामिल दशरथ और अनुज का काम ऐसे मोबाइल नंबर जमा करना था, जिनके फंसने की ज्यादा गुंजाइश होती थी। इस गैंग में आधा दर्जन से ज्यादा लड़कियां थीं और उनका काम भी यही था। जांच में पता चला कि इन लड़कियों ने अधेड़ उम्र के कई लोगों को अपना शिकार बनाया हुआ था, जिनसे ये इमोशनल ब्लैकमेलिंग के जरिए रुपए ऐंठती थी। इनके जाल में फंसे लोगों को डराने के लिए राहुल सिंह, दीपक कुमार और रिंकू टीवी सीरियल देखकर पुलिस के असली अंदाज में बात करते थे। सेक्सटॉर्शन के अलावा इस गैंग ने सरकारी योजनाओं के नाम पर भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया।
