नई दिल्ली,
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि बांग्लादेश में इस साल 8 दिसंबर तक हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के 2,200 मामले सामने आए हैं। विदेश राज्य मंत्री, कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
बांग्लादेश में 2200 तो पाकिस्तान 112 केस
अल्पसंख्यक और मानवाधिकार संगठनों के आंकड़ों का हवाला देते हुए, MoS कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में दिसंबर तक 2200 मामले आए। वहीं पाकिस्तान में अक्टूबर 2024 तक ऐसे 112 मामले दर्ज किए गए। विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि साल 2022 में, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले के 47 और पाकिस्तान में 241 मामले सामने आए थे। 2023 में, ये आंकड़े बांग्लादेश में 302 और पाकिस्तान में 103 थे।
केंद्र की पाकिस्तान-बांग्लादेश को खरी-खरी
भारत सरकार ने पाकिस्तान से धार्मिक असहिष्णुता, सांप्रदायिक हिंसा, उत्पीड़न और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों को रोकने के लिए कदम उठाने और उन्हें सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की दुर्दशा को उजागर करता रहता है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश को छोड़कर, अन्य पड़ोसी देशों में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामले शून्य हैं।
केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने संसद में दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने ये जानकारी तब दी है, जब उनसे हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामलों और मंत्रालय की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन घटनाओं पर गंभीरता से ध्यान दिया है और अपनी चिंताओं को बांग्लादेश सरकार के साथ साझा किया है। भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा।
बांग्लादेश के हालात पर केंद्र की पूरी नजर
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 9 दिसंबर, 2024 को विदेश सचिव की बांग्लादेश यात्रा के दौरान भी यही बात दोहराई गई थी। बांग्लादेश में अशांति पर, उन्होंने कहा कि ढाका में भारतीय उच्चायोग बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों से संबंधित स्थिति पर कड़ी नजर रखता है। सरकार का मानना है कि सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर देश की सरकार की जिम्मेदारी है।
