बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार के 13 दिन बाद, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) आज पटना एयरपोर्ट पर नज़र आए. वह पटना से दिल्ली के लिए रवाना हुए. एयरपोर्ट पर मीडिया ने उनसे कई सवाल पूछे, लेकिन तेजस्वी यादव ने किसी का जवाब नहीं दिया और बिना कुछ बोले सीधे अंदर चले गए.
इसी बीच, महागठबंधन की सहयोगी पार्टी कांग्रेस (Congress) ने बिहार चुनाव में अपनी हार की समीक्षा (Review) करने के लिए दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है.
तेजस्वी यादव का दिल्ली प्रस्थान
महागठबंधन की हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव आज पटना एयरपोर्ट पर दिखे.
- मीडिया से दूरी: एयरपोर्ट पर पत्रकारों द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जिससे उनके दिल्ली दौरे के उद्देश्य पर अटकलें लगाई जा रही हैं.
कांग्रेस की समीक्षा बैठक आज दिल्ली में
बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार पर मंथन करने के लिए पार्टी आलाकमान ने दिल्ली में समीक्षा बैठक बुलाई है.
- प्रदेश अध्यक्ष की भागीदारी: बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम भी इस बैठक में शामिल होने के लिए पटना से दिल्ली रवाना हो गए हैं.
- इस्तीफे की पेशकश: यह ग़ौरतलब है कि हार के बाद राजेश राम ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने अभी तक उनका इस्तीफ़ा स्वीकार नहीं किया है.
हार के कारणों पर होगा गहन मंथन
दिल्ली में इंदिरा भवन में होने वाली इस बैठक में बिहार चुनाव में मिली हार के कारणों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी.
- उम्मीदवारों से सवाल: बैठक में सभी 61 उम्मीदवारों से उनकी हार का कारण पूछा जाएगा और उन्हें आँकड़े (Data) साथ लाने के लिए कहा गया है.
- रणनीति का आधार: इस रिपोर्ट के आधार पर भविष्य की चुनावी रणनीति तैयार की जाएगी.
भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर फ़ैसला
समीक्षा बैठक में न केवल पिछली हार पर चर्चा होगी, बल्कि कांग्रेस के भविष्य की राजनीतिक दिशा भी तय की जाएगी.
- संगठनात्मक सुधार: आगामी लोकसभा और अन्य स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए, पार्टी संगठनात्मक सुधारों पर भी विचार करेगी.
- नेतृत्व और बदलाव: बैठक में यह तय किया जाएगा कि संगठन में बड़े बदलाव की ज़रूरत है या वर्तमान नेतृत्व को ही पुनर्जीवित किया जाए.
ज़मीनी स्तर पर संगठन को मज़बूत करने की योजना
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ज़मीनी स्तर पर संगठन को मज़बूत करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा करेगा.
- कार्ययोजना: मंथन शिविर (Brainstorming camps), जनसंपर्क अभियान, सोशल मीडिया गतिविधियों को बढ़ाना और ज़मीनी स्तर पर संगठनात्मक पुनर्गठन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी.
