भोपाल
मध्य प्रदेश की नई परिवहन नीति के विरोध में निजी बस संचालकों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। बस ऑपरेटरों ने दो मार्च से बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। यह हड़ताल होली से ठीक दो दिन पहले शुरू होने वाली है, जिससे प्रदेशभर में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि नई परिवहन नीति के तहत परमिट प्रक्रिया को जटिल और महंगा बना दिया गया है। उनका आरोप है कि रूट आवंटन और रिन्यूअल की प्रक्रिया में अनावश्यक बदलाव किए गए हैं, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के संचालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। डीजल एवं अन्य खर्चों में लगातार वृद्धि के बावजूद किराए में अपेक्षित संशोधन नहीं किया गया है।
बस संचालकों ने यह भी आरोप लगाया कि परमिट नियमों के उल्लंघन पर भारी आर्थिक दंड और परमिट निरस्त करने के कड़े प्रावधान किए गए हैं। उनका कहना है कि सरकारी और नगर परिवहन को प्राथमिकता देकर निजी बसों के रूट सीमित किए जा रहे हैं, जिससे उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यदि हड़ताल लागू होती है तो प्रदेश के प्रमुख शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच बस सेवाएं प्रभावित होंगी। होली के मद्देनजर ट्रेनों में पहले से ही भारी भीड़ है, ऐसे में बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। इधर, परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि हड़ताल से पहले बस ऑपरेटरों के साथ बैठक कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार संवाद के माध्यम से मुद्दों का समाधान चाहती है और नई नीति किसी के खिलाफ नहीं है। प्रदेश में संभावित हड़ताल को लेकर प्रशासन सतर्क है। यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं के प्रति सजग रहने की सलाह दी गई है।
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