भोपाल। राजधानी के गोविंदपुरा क्षेत्र में विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने और शिक्षा के नए आयाम स्थापित करने के उद्देश्य से ‘श्रद्धा एजुकेशन कोचिंग’ का गरिमामय शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश सरकार की मंत्री कृष्णा गौर उपस्थित रहीं, जिन्होंने रिबन काटकर संस्थान का विधिवत उद्घाटन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि शिक्षा समाज निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कोचिंग सेंटर विद्यार्थियों को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, विशेषकर उन मेधावी छात्रों के लिए जो संसाधनों के अभाव में पिछड़ जाते हैं। मंत्री गौर ने कोचिंग की निशुल्क शिक्षा संबंधी पहल को समाज के लिए एक प्रेरणादायी कदम बताया।

श्रद्धा एजुकेशन कोचिंग के संचालक एवं समाजसेवी रूपेश पाटिल ने संस्थान के विजन को साझा करते हुए कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संस्थान केवल व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि उन प्रतिभाओं को निखारने के लिए है जो बड़ी कोचिंग संस्थाओं की फीस वहन नहीं कर सकते। इस अवसर पर रूपेश पाटिल ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि संस्थान द्वारा हर साल पांच मेधावी एवं जरूरतमंद बच्चों को पूरी तरह निशुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी। उन्होंने संकल्प दोहराया कि मंत्री कृष्णा गौर की मंशा के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे, जिससे गोविंदपुरा विधानसभा का नाम पूरे प्रदेश में गौरवान्वित होगा।
