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Friday, June 19, 2026
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चीन सीमा विवाद, अग्निवीर मुद्दा, संसद में ऐसा क्‍या बोले अखिलेश यादव कि मुस्‍कुराते रहे राजनाथ सिंह

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लखनऊ

सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को संसद हमले की बरसी पर शहीद सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धाजंलि दी। उन्‍होंने लोकसभा में बैठे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने चीन का मुद्दा उठाया। अखिलेश ने कहा सीमा पर सिर्फ 12 किलोमीटर रास्‍ता बना था, लेकिन पड़ोसी देश ने इसको लेकर ना जाने क्‍या-क्‍या कहा। एक दिन ऐसा आएगा जब मानसरोवर यात्रा के लिए हमें उस देश से परमिशन लेनी पड़ेगी। मैं केंद्र सरकार से पूछना चाहता हूं कि हमारी सीमा आखिर कहां तक है? अखिलेश जब ये बातें बोल रहे थे तब राजनाथ सिंह मुस्‍कुराते नजर आए।

सपा मुखिया ने कहा कि हमारी सरकार कहती है कि भारत देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बनने की ओर अग्रसर है। दूसरी ओर, देश में 82 प्रतिशत लोग सरकारी राशन लेते हैं। सरकार को बताना चाहिए कि हमारे देश में प्रति व्‍यक्ति इनकम कितनी है। देश के 20 करोड़ अल्‍पसंख्‍यकों विशेषकर मुस्लिमों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके घर लूटे जा रहे हैं। हाल ही में उत्‍तर प्रदेश में कई जगहों पर इस तरह की घटनाएं जानबूझकर की गईं।

उपचुनाव में वोटिंग का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले दिनों उपचुनाव के दौरान बहुत सारे लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया गया। जो लोग वोट देने जा रहे थे उनको धमकाया गया। इसकी तस्‍वीरें पूरे देश और दुनिया ने देखी। किस तरह यूपी सरकार के इशारे पर पुलिस के एक अफसर ने महिलाओं को पिस्‍टल दिखाकर वोट देने जाने से मना किया। ये व्‍यवस्‍था लोकतंत्र में तानाशाही का उदाहरण है। हमारी सरकार भी हिटलर के रास्‍ते पर चल रही है।

‘हम हर हाल में कराएंगे जाति जनगणना’
जाति जनगणना पर अखिलेश यादव ने कहा कि अगर बीजेपी सरकार कराना चाहे तो करा ले नहीं तो जब कभी भी हम लोगों को मौका मिलेगा हम जाति जनगणना जरूर कराएंगे। इस समय नौकरियों का अकाल हो गया है। एक नए शब्‍द का इजाद हुआ है। नॉट फाउंड सूटेबल। जिस उम्‍मीदवार को नौकरी नहीं देनी होती है उसके नाम के लिए ये शब्‍द लिख दिया जाता है। शिक्षा मंत्री सेंट्रल यूनिवर्सिटयों में जिन प्रोफेसरों को नियुक्‍त किया है उनकी लिस्‍ट जारी करें। ये सरकार समाज के सिर्फ 10 फीसदी लोगों को ध्‍यान रखती है। 90 प्रतिशत समाज को अधिकार नहीं मिल रहा है।

‘इतने उद्योगपति कभी देश छोड़कर नहीं गए’
गरीबी का नाजायज फायदा उठाकर धन्‍नासेठों की सरकार आसानी से चुनाव जीत जाती है। जब तक समाज में आर्थिक विषमता समाप्‍त नहीं हो जाती तब तक लोगों को अधिकार नहीं मिल सकेंगे। आज अभिव्‍यक्ति की स्‍वंतत्रता का अर्थ है देशद्रोह। आजादी के बाद कभी इतने उद्योगपति देश छोड़कर नहीं गए जितना मोदी सरकार में चले गए। सरकार इस पर आत्‍मचिंतन करे।

‘न्‍याय मांगने के लिए आत्‍मदाह करना पड़ रहा है’
इस देश में एक ही कानून सत्‍ता पक्ष के लोगों के लिए अलग है जबकि विपक्ष के लिए अलग है। यह अनुच्‍छेद 14 का उल्‍लंघन है। किसी भी व्‍यक्ति को उसके मौलिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता है। फर्जी मुठभेड़ में हत्‍याएं और जेल में हत्‍याएं लगातार हो रही हैं। ईडी और सीबीआई की जांच बगैर एफआईआर की जा रही है। जैसे हालात इस समय उत्‍तर प्रदेश में हैं वैसे कभी नहीं थे। यहां खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ रही हैं। यहां न्‍याय मांगने के लिए आम जनता को आत्‍मदाह करना पड़ा है। टीवी पर लाइव रिकॉर्डिंग के दौरान लोगों की हत्‍या कर दी जा रही है। साइबर अपराधों में अगर कोई प्रदेश दिखता है तो वह उत्‍तर प्रदेश है।

‘आरक्षण न देना पड़े इसलिए सरकारी नौकरी नहीं दे रहे’
ये डबल इंजन की सरकार है। पहले इंजन टकराते थे और अब तो डिब्‍बे भी टकराने लगे हैं। अगर नौकरी देने का वादा किया जाए तो उसे पूरा किया जाए। सरकारी नौकरी इसलिए नहीं दे रहे ताकि आरक्षण ना देना पड़ जाए। आएदिन पेपर लीक कराए जाते हैं ताकि परीक्षा रद की जा सके।

‘संविधान बदलने का दावा करने वालों को जनता ने दिया जवाब’
सपा अध्‍यक्ष ने कहा कि अग्निवीर की समस्‍या पहले की तरह ही बनी हुई है। हम लोग इस व्‍यवस्‍था को कभी नहीं स्‍वीकार करेंगे। पहले जैसी सेना भर्ती की व्‍यवस्‍था की जाए तभी देश की सीमाएं सुरक्षित रहेंगी। आजादी का अमृतकाल सिर्फ एक जुमला है। संविधान बचेगा तो न्‍याय बचेगा। न्‍याय बचेगा तभी सबको बराबरी का मौका मिलेगा। संविधान बचाने के लिए एक और करो मरो आंदोलन की जरूरत है। बीते लोकसभा चुनाव में सत्‍ता पक्ष के कई नेता दावा करते थे कि 400 पार सीटें आईं तो संविधान बदल देंगे लेकिन यूपी की जनता ने इनको माकूल जवाब दे दिया है।

‘संविधान लोकतंत्र की प्राणआयु है’
अखिलेश यादव ने कहा कि भारत राज्‍यों का संघ का है। ये हमारा संविधान ही है जिसने इतने विविधता वाले देश को एक साथ रखा है। ये संविधान की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि ये कैसे काम करती है। ये वाली संविधान है जो समय-समय पर हमारा रक्षा कवच बनता है। संविधान हमें शक्ति देता है। ये संविधान हमारा बड़ा मददगार है। ये हमारे जैसे लोगों और खासकर पीडीए समाज के जीवन और मरण का विषय है। संविधान लोकतंत्र की प्राणआयु है। डॉ अंबेडकर ने स्‍पष्‍ट कहा था कि संविधान कितना भी अच्‍छा हो पर अगर उसे लागू करने वाले लोग अच्‍छे नहीं होंगे तो वह प्रभावी नहीं होगा।

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