16 C
London
Thursday, June 4, 2026
Homeराजनीतिट्रंप भारत के दोस्त हैं या दुश्मन... जब विदेश मंत्री जयशंकर के...

ट्रंप भारत के दोस्त हैं या दुश्मन… जब विदेश मंत्री जयशंकर के सामने आया सीधा सवाल, दिया ये जवाब

Published on

नई दिल्ली

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप फिर से राष्ट्रपति बन चुके हैं। ऐसे में भारत के लोगों के मन में ये सवाल लगातार चल रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप आखिर भारत के दोस्त हैं या दुश्मन। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत-अमेरिका के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का उल्लेख करते हुए डोनाल्ड ट्रंप को लेकर अहम बात कही। जयशंकर ने ट्रंप को एक ‘अमेरिकी राष्ट्रवादी’ बताया। विदेश मंत्री जयशंकर दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में एक कार्यक्रम में मौजूद थे। विदेश मंत्री ने यहां वैश्विक कूटनीति की उभरती प्रकृति और इसके प्रति भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित किया।

ट्रंप भारत के शत्रु या मित्र?
ट्रंप भारत के मित्र हैं या शत्रु, इस बारे में पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए जयशंकर ने कहा कि मैंने हाल ही में उनके (ट्रंप के) शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया था और हमारे साथ अच्छा व्यवहार किया गया। मेरा मानना है कि वह एक अमेरिकी राष्ट्रवादी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रंप की नीतियां वैश्विक मामलों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती हैं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की विदेश नीति राष्ट्रीय हित से निर्देशित होती रहेगी।

‘ वह बहुत सी चीजें बदल देंगे’
जयशंकर ने कहा कि हां, वह (ट्रंप) बहुत सी चीजें बदलेंगे, हो सकता है कि कुछ चीजें उम्मीद के अनुरूप नहीं हों, लेकिन हमें देश के हित में विदेश नीतियों के संदर्भ में खुला रहना होगा। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दे हो सकते हैं जिन पर हम एकमत न हों, लेकिन कई क्षेत्र ऐसे होंगे जहां चीजें हमारे दायरे में होंगी। जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ट्रंप के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंधों पर भी जोर देते हुए कहा, ‘‘अमेरिका के साथ हमारे संबंध मजबूत हैं और मोदी के ट्रंप के साथ अच्छे व्यक्तिगत संबंध हैं।

कभी नहीं सोचा था राजनीति में आऊंगा
सत्र के दौरान, जयशंकर ने भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और देश के बारे में बदलती धारणाओं के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि यहां तक कि अब गैर-भारतीय भी खुद को भारतीय कहते हैं, उन्हें लगता है कि इससे उन्हें मदद मिलेगी। जयशंकर ने शिक्षा क्षेत्र और कूटनीति से राजनीति में आने का उल्लेख करते हुए कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं नौकरशाह बनूंगा।

जयशंकर ने कहा कि राजनीति में मैं अचानक आ गया, या तो इसे भाग्य कहें, या इसे मोदी कहें। उन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी) मुझे इस तरह से आगे बढ़ाया कि कोई भी मना नहीं कर सका। उन्होंने रेखांकित किया कि विदेश में रहने वाले भारतीय अभी भी समर्थन के लिए अपनी मातृभूमि पर निर्भर हैं और कहा कि जो भी देश के बाहर जाते हैं, वे हमारे पास ही आते हैं। बाहर हम ही रखवाले हैं।’

Latest articles

BHEL में बड़ी नियुक्ति: रेणुका मिश्रा बनीं मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO), CMD को करेंगी रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने अपनी कॉर्पोरेट सतर्कता व्यवस्था को मजबूत...

बलात्कार के आरोप में डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार; महिला ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाया

मुरैना। मुरैना में पदस्थ रहे डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर के खिलाफ एक युवती की...

बिजली कटौती अलर्ट: भोपाल के 25 बड़े इलाकों में 3 से 8 घंटे तक गुल रहेगी बत्ती

भोपाल। राजधानी भोपाल के करीब 25 प्रमुख रिहायशी इलाकों में गुरुवार को विद्युत कंपनी...

कोलार जलप्रदाय लाइन के संधारण कार्य का महापौर ने किया निरीक्षण, जल्द नियमित होगी जलापूर्ति

भोपाल। राजधानी के कोलार क्षेत्र में पानी की किल्लत को दूर करने और सुचारू...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...