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जम्मू-कश्मीरः डैमेज कंट्रोल मोड में बीजेपी, टिकट कटने से नाराज नेताओं को दी ये जिम्मेदारी

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नई दिल्ली,

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां जोर-शोर से प्रचार में जुटी हैं. इसी बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने जम्मू-कश्मीर में कई संगठनात्मक फेरबदल किए हैं. सत शर्मा को जम्मू-कश्मीर का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए निर्मल सिंह को प्रदेश चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष और चौधरी सुख नंदन को प्रदेश चुनाव प्रचार समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. पार्टी के इस कदम को डैमज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है. दरअसल, टिकट न मिलने पर बीजेपी के स्थानीय नेताओं में असंतोष देखने को मिल रहा था.

जानें इस फेरबदल के मायने
दरअसल, भाजपा उन वरिष्ठ नेताओं को मनाने की लगातार कोशिश कर रही है, जिन्हें इस बार टिकट नहीं दिया गया है. जम्मू-कश्मीर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सत शर्मा को मिली जम्मू-कश्मीर भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष की ये नई जिम्मेदारी इसी बात को दिखाती है. वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है,जबकि कवींद्र गुप्ता को भाजपा की चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है.

बता दें कि बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर के लिए अब तक उम्मीदवारों की 6 लिस्ट जारी की है. इसमें बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं का टिकट कटा है. इसको लेकर पार्टी में असंतोष भी देखने को मिला था. बीजेपी अब इन नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारी देकर डैमेज कंट्रोल करना चाहती है.

छठी लिस्ट में भी पूर्व सीएम का कटा था पत्ता
बता दें कि बीजेपी ने रविवार को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की छठी लिस्ट जारी की थी. इस लिस्ट में कुल 10 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान हुआ था, जिसमें से पांच मुस्लिम उम्मीदवार थे. पार्टी ने कठुआ विधानसभा सीट से डॉक्टर भरत भूषण को चुनावी मैदान में उतारा था. जबकि पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता को उनकी गांधी नगर सीट से टिकट नहीं दिया था.

जम्मू और कश्मीर, किस रीजन में कितनी सीटें
जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. 47 सीटें कश्मीर और 43 सीटें जम्मू रीजन में हैं. परिसीमन से पहले की बात करें तो 2014 के चुनाव तक 87 सीटें हुआ करती थीं जिनमें 37 सीटें जम्मू और 46 सीटें कश्मीर में थीं. चार सीटें लद्दाख में भी थीं. राज्य के दर्जे में बदलाव के बाद लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश बन चुका है. इसके बाद हुए परिसीमन में जम्मू में छह, कश्मीर में एक सीट बढ़ी है.

अमित शाह ने जारी किया था संकल्प पत्र
आपको बता दें कि शुक्रवार को ही भाजपा ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर अपना संकल्प पत्र जारी किया था. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया गया. उन्होंने कहा कि आजादी के समय से हमारी पार्टी के लिए जम्मू कश्मीर का भूभाग महत्वपूर्ण रहा है. हमने इसे जोड़े रखने के लिए अनेक प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा कि आर्टिकल 370 इतिहास बन चुकी है, ये कभी लौटकर नहीं आ सकती. क्योंकि यही वो विचारधारा थी जो युवाओं के हाथ में पत्थर थमाती थी. अमित शाह ने कहा कि बातचीत और बम धमाके एक साथ नहीं हो सकते. पाकिस्तान से बातचीत के पक्ष में नहीं. अमित शाह ने कहा कि मैंने पहले ही कहा है कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा. इस पर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए.

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