भारत में सरकारी नौकरी पाना एक बहुत बड़ी प्रतिष्ठा और सुरक्षा की बात होती है। लाखों-करोड़ों की संख्या में छात्र सरकारी नौकरी पाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और आवेदन करते हैं लेकिन कड़वा सच ये है कि कुछ ही छात्र अपने इरादे में सफल हो पाते हैं। इस प्रक्रिया में ढेरों युवाओं के सपने, बहुत सारा कीमती समय और मेहनत बर्बाद हो जाती हैं, अब केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने युवाओं से इस मानसिकता को छोड़ देने के लिए कहा है।
डॉ. जितेंद्र सिंह कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं और प्रधानमंत्री कार्यालय में भी राज्य मंत्री हैं। उन्होंने बताया कि साल 2021-22 में, दो करोड़ से ज्यादा लोगों ने सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किया था। जिसमें से महज 38,850 लोगों को ही सरकारी नौकरी मिली, जोकि कुल आवेदनों का महज 0.21 प्रतिशत है। यह आंकड़ा लोकसभा में जितेंद्र सिंह जी ने पेश किया था।
अब, जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय स्टार्टअप उत्सव के उद्घाटन में उन्होंने युवाओं से ‘सरकारी नौकरी की मानसिकता’ छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानना चाहिए और खुद का व्यवसाय यानी स्टार्टअप शुरू करना चाहिए। सिर्फ सरकारी नौकरी के पीछे भागना सही नहीं है।
