नई दिल्ली
लोकसभा में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा किए गए तीखे हमलों का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया। राहुल गांधी के द्वारा शिव की तस्वीर दिखाने, अग्निवीर को वापस लेने का वादा करने, संविधान पर हमले का आरोप लगाने और बीजेपी के नेताओं को यह कहना कि ‘आप हिंदू नहीं हो’ इन तमाम बातों का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया। हालांकि, मणिपुर के मसले पर प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा।
राहुल गांधी के भाषण ने जहां कांग्रेस के समर्थकों में नई ऊर्जा का संचार किया था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 2 घंटे से लंबे मैराथन भाषण में बीजेपी और एनडीए सरकार का पक्ष मजबूती से देश के सामने रखने की कोशिश की।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि बीजेपी के लोग अपने आप को हिंदू बताते हैं लेकिन नफरत और हिंसा की बात करते हैं। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हिंदुओं पर झूठा आरोप लगाने की साजिश हो रही है यह कहा जा रहा है कि हिंदू हिंसक होते हैं। मोदी ने कहा कि यह देश शताब्दियों तक इस बात को नहीं भूलेगा।
मोदी ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने हिंदू आतंकवाद का शब्द गढ़ने की कोशिश की थी। इनके साथी हिंदू धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया जैसे शब्दों से करें, यह देश इसे कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि सदन में कल का दृश्य देखकर अब हिंदू समाज को सोचना पड़ेगा कि क्या यह अपमानजनक बयान कोई संयोग है या बड़े प्रयोग की तैयारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका जवाब देने के लिए स्वामी विवेकानंद के 131 साल पहले शिकागो में दिए गए बयान का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि मुझे गर्व है कि मैं उस धर्म से आता हूं जिसने पूरी दुनिया को सहिष्णुता और वैश्विक स्वीकृति सिखाई है। आज हिंदुओं पर झूठा आरोप लगाने की साजिश हो रही है, गंभीर षड्यंत्र हो रहा है।
