नई दिल्ली:
वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के लिए जेपीसी का गठन किया गया है। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई दलों के 21 सांसदों को शामिल किया गया है। इस बीच अगले महीने राज्यसभा की 12 सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव के बाद बीजेपी नीत एनडीए को राज्यसभा में स्पष्ट बहुमत हासिल होने की उम्मीद है। इससे पार्टी को वक्फ (संशोधन) विधेयक जैसे प्रमुख विधेयकों को पारित कराने में मदद मिलेगी। वर्तमान में 229 सदस्यों वाली राज्यसभा में बीजेपी के 87 सांसद हैं और इसके सहयोगी दलों के साथ यह संख्या 105 है। 6 मनोनीत सदस्यों को मिलाकर एनडीए के सांसदों की संख्या 111 हो जाती है, जो 115 के बहुमत के आंकड़े से 4 कम है।
राज्यसभा में कांग्रेस के कितने सदस्य?
राज्यसभा में कांग्रेस के 26 सदस्य हैं और इसके सहयोगी दलों के 58 सदस्य और जुड़ने से विपक्षी गठबंधन के सदस्यों की संख्या 84 हो गई है। प्रमुख तटस्थ दलों में 11 सदस्यों वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और आठ सदस्यों वाली बीजद शामिल हैं। नौ राज्यों की 12 रिक्त राज्यसभा सीटों के लिए तीन सितंबर को चुनाव होगा। बीजेपीऔर इसके सहयोगी दलों को चुनाव में 12 में से 11 सीट मिलने की उम्मीद है, जिससे 245 सदस्यीय सदन में राजग का संख्याबल 122 हो जाएगा।
जम्मू-कश्मीर की 4 सीटें खाली
जम्मू-कश्मीर से उच्च सदन में चार सीट रिक्त हैं क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश को अभी तक अपनी पहली विधानसभा नहीं मिली है। इससे राज्यसभा की प्रभावी संख्या घटकर 241 रह गई है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, सर्बानंद सोनोवाल और ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत मौजूदा सदस्यों के लोकसभा के लिए चुने जाने के कारण राज्यसभा की 10 सीट खाली हो गई हैं। तेलंगाना और ओडिशा में भी दो सीटों के लिए उपचुनाव होना है।
