10.6 C
London
Sunday, May 17, 2026
Homeराजनीतिपाकिस्तान के साथ युद्धविराम के लिए भारत पर था अमेरिकी दबाव? बीजेपी...

पाकिस्तान के साथ युद्धविराम के लिए भारत पर था अमेरिकी दबाव? बीजेपी ने दे दिया जवाब

Published on

नई दिल्ली

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो तनाव कम हुआ है, वह भारत की शर्तों पर हुआ है। BJP ने उन बातों को गलत बताया है जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका के दबाव में यह सब हुआ है। पार्टी का कहना है कि यह समझौता पूरी तरह से भारत के हिसाब से हुआ है। BJP ने कहा कि पहले ऐसा होता था कि भारत को कुछ फायदे छोड़ने पड़ते थे, लेकिन इस बार सरकार ने सब कुछ बदल दिया है। BJP के एक नेता ने कहा कि भारत की नई ‘युद्ध नीति’ है। इसके अनुसार, अगर कोई भी आतंकी हमला होता है, तो उसे भारत के खिलाफ ‘युद्ध’ माना जाएगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में सिर्फ अमेरिका और इजराइल के पास ही ऐसी नीतियां हैं। इससे पता चलता है कि भारत दुनिया में कितना मजबूत हो गया है।

भारत की स्थिति और भी मजबूत-बीजेपी
बीजेपी नेता ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि इस समझौते पर अभी भी भारत का नियंत्रण है। भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर जो भी चल रहा है, उससे इस संधि पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पहले वर्ल्ड बैंक इस संधि की गारंटी लेता था, लेकिन अब उसने इससे दूरी बना ली है। इससे भारत की स्थिति और भी मजबूत हो गई है। BJP नेता ने कहा, “भारत एक ताकतवर अर्थव्यवस्था बन रहा है, जबकि पाकिस्तान एक कमजोर देश है। हमारा ध्यान 140 करोड़ भारतीयों की भलाई पर है। हम एक ऐसे देश पर समय बर्बाद नहीं करना चाहते जो आतंकवाद को बढ़ावा देता है।”

भारत को पहले शर्तें माननी पड़ती थीं
BJP ने यह भी कहा कि पहले के समझौतों में भारत को अपने फायदे छोड़ने पड़े थे। 1949 में कराची समझौते के तहत युद्धविराम हुआ था। यह समझौता अमेरिका की मध्यस्थता और संयुक्त राष्ट्र (UN) की निगरानी में हुआ था। 1965 की लड़ाई ताशकंद घोषणा के साथ खत्म हुई थी। इसमें सोवियत संघ और अमेरिका ने मध्यस्थता की थी। भारत को जीते हुए इलाके वापस करने पड़े थे।

पहले भारत चूक गया था
1971 की लड़ाई में पाकिस्तान ने हार मान ली थी, लेकिन फिर भी शिमला समझौता हुआ। इस पर मॉस्को और वाशिंगटन का प्रभाव था। भारत ने 99,000 कैदियों को रिहा कर दिया, लेकिन उसे कोई फायदा नहीं हुआ। पाकिस्तान ने POK खाली नहीं किया और सीमाएं भी तय नहीं हुईं। श्रीलंका में भारतीय शांति सेना (IPKF) का ऑपरेशन (1987-1990) बहुत महंगा साबित हुआ और उसे वापस बुलाना पड़ा। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जान भी चली गई। 1999 में कारगिल युद्ध में भी ऐसा ही हुआ। क्लिंटन प्रशासन ने युद्धविराम कराया और भारत को अपनी जीत रोकनी पड़ी। भारत को एक अच्छा मौका मिला था, लेकिन वह चूक गया।

भारत की शर्तों पर तनाव कम हुआ
BJP का कहना है कि अभी जो तनाव कम हुआ है, वह भारत की शर्तों पर हुआ है। इसमें देश की सुरक्षा और आर्थिक तरक्की को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। पार्टी का कहना है कि इस तरीके से भारत एक ताकतवर देश बनेगा और उसे पहले की तरह कोई नुकसान नहीं होगा। भारत पर किसी का दबाव नहीं होगा।

Latest articles

लखपति दीदी मंजू की संघर्षगाथा बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, सीएम साय ने लेमरू में चखा गुपचुप

रायपुर। राज्य सरकार के 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा...

सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज उन्नति’ की 5वीं उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अभिनव पहल ‘राजस्थान यूनिफाइड नेटवर्क फॉर न्यू एक्शन’ (राज...

पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह शेखावत को मुख्यमंत्री भजनलाल ने अर्पित की श्रद्धांजलि

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देश के पूर्व उपराष्ट्रपति और प्रदेश के...

सीएम भगवंत मान ने दिखाई हरी झंडी; कहा- ट्रेनिंग लेकर लौटेंगे तो ‘नेशन बिल्डर’ बनकर लाएंगे बदलाव

चंडीगढ़। पंजाब सरकार के महत्वाकांक्षी शिक्षा मॉडल को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...