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हम 5 ट्रिलियन इकोनॉमी की बात करते हैं लेकिन 10 साल में एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर का बजट घटा….’, बोलीं सुप्रिया श्रीनेत

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नई दिल्ली,

‘मुफ्त का चंदन, घिस मेरे नंदन’ सेशन में बीजेपी, कांग्रेस और AAP नेताओं के बीच रेवड़ी कल्चर पर बात हो रही थी. इस दौरान कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर ’55 लाख करोड़ के कर्ज’ का मुद्दा उठाया. इस पर गौरव वल्लभ ने कहा, “2014 में जीडीपी क्या थी- डेढ़ सौ करोड़, आज जीडीपी चार सौ लाख करोड़ की है. सौ लाख करोड़ रुपए का निवेश का विजन इस बजट में दिया गया है. प्राइवेट निवेश भी स्थिर नहीं है, वो बढ़ रहा है.”

बीजेपी पर निशाना साधते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “आप हेल्थ टू जीडीपी रेशियो, एजुकेशन टू जीडीपी रेशियो, इनोवेशन फंड टू जीडीपी रेशियो पर जवाब दे दीजिए. ये सब पिछले दस साल में लगातार कम हो रहे हैं. एजुकेशन और हेल्थ का बजट घटा है. जब हम पांच ट्रिलियन इकोनॉमी की बात करते हैं, तो हमारा Per Capita इनकम दो हजार दो सौ सतत्तर है. अमेरिका का पैंसठ हजार, चीन का बारह हजार और यूके का पैंतालीस हजार है.”

उन्होंने आगे कहा कि हम किसकी बात कर रहे हैं? क्या सच नहीं है कि इस देश में बेरोजगारी भयावह है. क्या लोग आर्थिक तंगी के कारण सुसाइड नहीं कर रहे हैं? लोन रिकवरी दस फीसदी भी नहीं हो रही है. मैं जानना चाहती हूं कि सरकार किसके लिए चल रही है. सरकार ने रूस से कच्चा तेल खरीदकर पच्चीस बिलियन डॉलर बचाया और पेट्रोल-डीजल पर एक पैसा नहीं कम हुआ. क्यों मध्यम वर्ग की कमर तोड़ी जा रही है.

‘सिर्फ भारत में हाई ग्रोथ और कम मंहगाई…’
कांग्रेस प्रवक्ता के सवाल पर गौरव वल्लभ ने कहा कि रिकवरी अच्छी हो रही है. आज पूरी दुनिया में इमर्जिंग इकोनॉमी में सिर्फ भारत हाई ग्रोथ और कम मंहगाई पर खड़ा है. ऐसी कौन सी इमर्जिंग इकोनॉमी है, जो 7 पर्सेंट का प्रोजेक्शन दे रही है और IMF वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट कर रहा है. हमारी Per Capita Income ढाई हजार डॉलर है लेकिन 2014 में कितनी थी? क्या हम ग्रो नहीं कर रहे हैं. सुप्रिया ने जवाब देते हुए कहा कि 5.4 फीसदी जीडीपी ग्रोथ और 6 फीसदी मंहगाई अगर आपकी उपलब्धि है, तो मुझे शर्म आ रही है कि आ इसको उपलब्धि कहते हैं.

‘सिर्फ ढोल बज रहा है…’
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, “शुरुआत में जो लोग हमारा विरोध करते थे, अब वो हमारे साथ हैं. दिल्ली के अंदर अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और फ्लाईओवर्स पर जो काम हुआ है, वो दिखता है.” उन्होंने आगे कहा कि आप आंकड़े बताकर एक बहस के अंदर कुच प्वॉइंट स्कोर कर सकते हैं लेकिन लोग जा रहे हैं कि आज जितनी गरीबी, मंहगाई और बेरोजगारी है, वो पहले की स्थिति से बहुत खराब है.

AAP नेता ने कहा कि बीजेपी अपने आंकड़ों को लेकर ढोल बजा रही है लेकिन वही बीजेपी जब 85 करोड़ लोगों को फ्री अनाज देती है, तो उसकी पोल भी खुल रही है. बीजेपी सरकारों की इकोनॉमी जा कहीं नहीं रही है, सिर्फ ढोल बज रहा है. उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के लोगों ने पिछले दस सालों दो तरह की सरकारें देखी है. आज जो दिल्ली के अंदर के लॉ एंड ऑर्डर हाल है, ऐसा हाल दिल्ली का कभी नहीं था.

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