11.6 C
London
Thursday, April 2, 2026
Homeखेलपिता घर-घर सिलेंडर पहुंचाते थे, भाई चलाता था ऑटो ... 9वीं फेल...

पिता घर-घर सिलेंडर पहुंचाते थे, भाई चलाता था ऑटो … 9वीं फेल रिंकू की अब पूरी जिंदगी बदल गई

Published on

अहमदाबाद

इंडियन प्रीमियर लीग 2023 के 13वें मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स के रिंकू सिंह ने गुजरात के खिलाफ आखिरी ओवर में लगातार 5 छक्के जड़कर सनसनी मचा दी। केकेआर को मुकाबले में आखिरी ओवर में जीत के लिए 29 रन की जरूरत थी वहीं क्रीज पर केकेआर के लिए रिंकू सिंह और उमेश यादव थे। ओवर की पहली गेंद पर उमेश ने एक रन लेकर रिंकू को स्ट्राइक दिया। इसके बाद जो उन्होंने किया वह आईपीएल के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया।

रिंकू सिंह केकेआर के लिए सुपरस्टार खिलाड़ी बन गए हैं, लेकिन उनका शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा है। 9वीं फेल रिंकू की माली हालत शुरुआत में काफी खराब थी। पिता अलीगढ़ में घर-घर सिलेंडर पहुंचाने का काम करते थे। वहीं उनके भाई ऑटो चलाकर पिता को सहारा देते थे लेकिन रिंकू अपने खेल में लगे रहे।

इस दौरान घर परिवार के जिम्मेदारियों ने रिंकू के पिता के ऊपर 5 लाख कर्ज डाल दिया। पिता और भाई जैसे तैसे घर को मुश्किलों से निकालने में जुटे रहे, लेकिन रिंकू ने क्रिकेट को नहीं छोड़ा। इस दौरान उनका चयन उत्तर प्रदेश के अंडर-19 टी में हुआ। रिंकू के परिवार की ऐसी हालत थी कि उन्हें जो डेली अलाउंस मिलता वह उसमें से भी बचत करते थे।

क्रिकेट के लिए पिता ने कर दी थी पिटाई
रिंकू ने सिंह एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता खेलने के चक्कर में उनकी पिटाई लगा देते थे। हालांकि साल 2012 में जब उन्होंने एक स्कूल टूर्नामेंट में इनाम के तौर पर बाइक जीती तो उसके बाद से परिवार के लोग उन्हें सपोर्ट करने लगे।

इनाम में जीती हुई बाइक से ही उनके पिता सिलेंडर पहुंचाने के काम करने लगे। हालांकि फिर भी घर की हालत ठीक नहीं हुई। इसके बाद रिंकू ने अपने भाई से कहीं नौकरी लगाने के लिए गुहार लगाई। उनके भाई ने एक जगह उन्हें काम पर लगा दिया जहां उन्हें झाड़ू पोछा का काम दिया लेकिन वह एक ही दिन में उस काम को छोड़कर वापस आ गए। इसके बाद रिंकू ने अपने घर में साफ कह दिया कि उन्हें बस क्रिकेट में अपनी किस्मत को आजमाना है। इसके बाद उन्होंने लगातार कड़ी मेहनत के दम पर यूपी की टीम में जगह बनाई। वहीं 2018 में वह मुंबई इंडियंस ट्रायल में शामिल हुए थे।

ट्रायल मैच में रिंकू ने धमाकेदार पारी खेली। इसके बाद जब ऑक्शन हुआ तो रिंकू पर मुंबई ने बोली लगाई लेकिन केकेआर की टीम ने अधिक बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया। इसके बाद से वह लगातार इसी फ्रेंचाइजी के साथ है। एक बार रिंकू ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि वह उनके पिता महीने में सिर्फ 7-8 हजार रुपए कमा पाते थे। भाई की इंकम भी लगभग इतनी ही थी ऐसे में मेरे पास क्रिकेट में किस्मत आजमाने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं था लेकिन अब क्रिकेट के कारण ही उनकी स्थिति ठीक हुई है।

घरेलू क्रिकेट में रिंकू का है दमदार प्रदर्शन
रिंकू सिंह यूपी के लिए अब तक कुल 40 फर्स्ट क्लास, 50 लिस्ट ए और 78 टी20 मैच खेल चुके हैं। फर्स्ट क्लास में रिंकू ने 59.89 की औसत से 2875 रन बना चुके हैं। वहीं लिस्ट ए में उन्होंने 53 की औसत से 1749 रन बनाए हैं जबकि टी20 में उनके नाम 1392 रन दर्ज है।

Latest articles

सिग्नलिंग कार्य के चलते भोपाल मेट्रो की टाइमिंग फिर बदली

भोपाल। भोपाल मेट्रो की संचालन समय-सारिणी में एक बार फिर बदलाव किया गया है।...

मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी महंगी, 1 अप्रैल से गाइडलाइन दरों में औसतन 16% बढ़ोतरी

भोपाल। मप्र में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो गया है। सरकार ने...

परीक्षा देने आई छात्रा से होटल कर्मचारी ने किया दुष्कर्म, शादी का झांसा देकर फंसाया

भोपाल। मप्र की राजधानी के मंगलवारा इलाके में एक होटल कर्मचारी द्वारा इंदौर की...

एमपी में सेहत से खिलवाड़: ग्वालियर मिलावट में नंबर-1, दूध-घी जैसे रोजमर्रा के 2000 से ज्यादा सैंपल फेल

भोपाल। मध्य प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध के दावों के बीच मिलावटखोरी का...

More like this

बीएचईएल स्पोर्ट्स क्लब में 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ

भोपाल। 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ भेल खेल प्राधिकरण बैडमिंटन कोर्ट, बरखेड़ा...

टी-20 वर्ल्ड कप: भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब जीता

अहमदाबाद। भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से...