बेंगुलुरु
भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख बल्लेबाज रणजी ट्रॉफी में हिस्सा ले रहे हैं। अभी तक सभी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। रोहित शर्मा लेकर यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत तक खेल रही। शुभमन गिल भी कर्नाटक के खिलाफ पहली पारी में कुछ खास नहीं कर पाए थे। लेकिन मैच की दूसरी पारी में गिल के बल्ले से शतक निकला। पंजाब की बैटिंग जूझती रही लेकिन गिल ने अकेले मोर्चा संभाला और शतक लगा दिया।
शुभमन गिल का 14वां फर्स्ट क्लास शतक
25 साल के शुभमन गिल 2 साल बाद रणजी ट्रॉफी में खेल रहे हैं। यह उनका फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 14वां शतक है। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम पर 159 गेंदों पर उन्होंने अपना शतक पूरा किया। हालांकि इसके बाद ज्यादा देर नहीं टिक पाए। 102 रनों की पारी खेलने के बाद गिल को लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल ने एलबीडब्ल्यू कर दिया। 171 गेंदों की अपनी पारी में पंजाब के कप्तान ने 14 चौकों के अलावा 3 छक्के भी मारे।
84 पर गिर गए थे 6 विकेट
कर्नाटक के खिलाफ मैच की पहली पारी में पंजाब की बैटिंग पूरी तरह फेल रही थी। टीम सिर्फ 55 रनों पर ऑलआउट हो गई। दूसरी पारी में भी स्थिति अच्छी नहीं थी। शुभमन गिल सलामी बल्लेबाजी करने उतरे और 84 रन पहुंचने तक उनके 6 साथी आउट हो चुके थे। इसके बाद मयंक मार्कंडेय ने उनका साथ निभाया। दोनों बल्लेबाजों के बीच 7वें विकेट के लिए 63 रनों की साझेदारी हुई।
पारी से हारी पंजाब
पंजाब को इस मैच में पारी और 207 रनों से हार मिली। गिल के शतक के बाद भी दूसरी पारी में उनकी टीम 213 रनों पर आउट हो गई। कर्नाटक ने अपनी पहली पारी में 475 रन बनाए थे। समर्थ आर ने अकेले 203 रनों की पारी खेली। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 40 का स्कोर भी नहीं छू पाया। हालांकि सभी डबल डिजिट में पहुंचे और टीम को 475 रनों तक पहुंचा दिया।
