चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत शुक्रवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण से हुई, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों का विस्तृत खाका सदन के सामने रखा। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि पंजाब सरकार एक गतिशील और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के संकल्प के साथ काम कर रही है और राज्य को विकास की नई दिशा देने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण के क्षेत्रों में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसी जन-केंद्रित व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, किसानों को मजबूत समर्थन, उद्योगों को अनुकूल माहौल और आम लोगों को पारदर्शी शासन व्यवस्था उपलब्ध हो सके। उन्होंने अपने संबोधन में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा सुधार, कृषि क्षेत्र में निवेश, रोजगार सृजन, उद्योगों को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख किया।
राज्यपाल ने कहा कि ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ के तहत राज्य की सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में स्थानीय बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। कटारिया ने कहा कि पंजाब सरकार स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, उद्योग और नागरिक सेवाओं को मजबूत करते हुए ‘रंगला पंजाब’ के विजन को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने व्यापक नेटवर्क तैयार
राज्यपाल ने कहा कि राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक नेटवर्क तैयार किया गया है। आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से लोगों को मुफ्त दवाइयां और जांच सेवाएं दी जा रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में नशे की समस्या से निपटने के लिए ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान चलाया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत 13,765 शिक्षकों की भर्ती की गई है। 118 सरकारी स्कूलों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि किसानों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 787 करोड़ रुपये से 3443 किलोमीटर खालों और पाइपलाइनों का निर्माण किया जा रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।
स्वास्थ्य बीमा से हर परिवार को 10 लाख तक का कवर
राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत राज्य की पूरी आबादी को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। इस योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
