जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान’ और ‘ग्राम-2026’ की महत्ता पर जोर देते हुए कहा है कि राजस्थान की समृद्धि का मार्ग सुशासन और सुदृढ़ ग्रामीण व्यवस्था से होकर गुजरता है। 26 अप्रैल 2026 को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) को संबोधित करते हुए कहा कि वे गांव के विकास की आधारशिला हैं। सरकारी योजनाओं और आम जनता के बीच वे एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि ‘विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान’ में सभी अधिकारी सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि पात्र व्यक्ति को लाभ लेने के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि जब गांव सशक्त होगा, तभी किसानों के कल्याण पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘ग्राम-2026’ (GRAM-2026) पहल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के किसानों को सशक्त बनाया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है ताकि उत्पादन बढ़े और किसानों की आय में वृद्धि हो। उन्होंने आधुनिक कृषि उपकरणों, जैविक खेती और सुगम मंडी नीतियों को इस विजन का प्रमुख हिस्सा बताया।भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रशासन की कार्यशैली ऐसी हो कि समाज के सबसे गरीब और पिछड़े व्यक्ति को भी लगे कि सरकार उसके साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर जाकर जनसमस्याओं का निराकरण करें और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करें।
