9.9 C
London
Friday, March 13, 2026
Homeराज्यJ&K में भारी बारिश के बाद खोले गए सलाल और बगलिहार डैम...

J&K में भारी बारिश के बाद खोले गए सलाल और बगलिहार डैम के सारे गेट, उफनाई चिनाब नदी, पाकिस्तान में बाढ़ का अलर्ट

Published on

श्रीनगर,

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद भारत ने चिनाब नदी पर बलने बगलिहार डैम के दरवाजे खोल दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक रामबन क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बढ़ते जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के कई गेट खोलने पड़े हैं। लगातार भारी बारिश के कारण चिनाब नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है। बांध के दरवाजे खुलते ही पानी का तेज बहाव पाकिस्तानी इलाकों में बढ़ा है। बताया जा रहा है कि इससे पाकिस्तान में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

भारत ने रोक दिया था पानी
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर वॉटर स्ट्राइक करते हुए सिंधु जल समझौता तोड़ दिया था। बगलिहार और सलाल डैम के दरवाजे बंद करके पाकिस्तान का पानी रोक दिया था। पानी रोके जाने के दो दिन बाद अचानक भारत की तरफ से दरवाजे फिर खोल दिए गए इससे पाकिस्तान की तरफ बाढ़ का खतरा बढ़ गया।

पाकिस्तान की बढ़ी चिंता
कहा जा रहा है कि चिनाब नदी से मराला हेड में 28000 क्यूसेक पानी छोड़ा है। अचानक छोड़े गए भारी पानी से पाकिस्तान के सियालकोट, गुजरात और हेड कादिराबाद में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान में कई इलाकों में बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

भारत ने किया ऑपरेशन सिंदूर
विदेश मंत्रालय (MEA) का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाना है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर और हमले करने की योजना बनाई जा रही थी। बुधवार को लगभग 1:30 बजे, भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से एक जवाबी हमला किया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकवादी कैंपों को नष्ट कर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन सिर्फ 25 मिनट में, 1:05 बजे से 1:30 बजे के बीच किया गया। इसमें उन आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां से भारत के खिलाफ हमलों की योजना बनाई जाती थी। खबर है कि ये ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े थे। इन दोनों संगठनों पर भारत में कई आतंकी हमलों का आरोप है।

सिंधु जल संधि होल्ड पर
भारत ने सिंधु जल संधि को भी फिलहाल रोक दिया है। चिनाब नदी भी इसी संधि का हिस्सा है। सिंधु नदी तंत्र में झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज नदियां शामिल हैं। 1960 की संधि में इनके पानी के इस्तेमाल के अधिकार भारत और पाकिस्तान के बीच बांटे गए थे। पाकिस्तान की खेती का ज्यादातर हिस्सा सिंचाई के लिए इसी नदी तंत्र पर निर्भर है।

बगलीहार डैम चिनाब नदी पर बना एक महत्वपूर्ण हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट है। यह सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच पहले भी विवादों का केंद्र रहा है। सिंधु जल संधि एक समझौता है जिसके तहत भारत और पाकिस्तान सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, अब भारत ने इस संधि को भी होल्ड पर रख दिया है। इसका मतलब है कि भारत पाकिस्तान को पानी देने के मामले में कुछ बदलाव कर सकता है।

Latest articles

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

ईरान जंग का असर: देश में रसोई गैस का हाहाकार, ब्लैक में 1800 तक पहुंचा घरेलू सिलेंडर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बाद भारत में रसोई गैस की भारी किल्लत...

शादी के लिए पुजारी का अपहरण कर वसूले 50 हजार, मंडप से गिरफ्तार हुआ गैंग सरगना ‘भूरा हड्डी’

भोपाल जधानी की कोहेफिजा पुलिस ने पुजारी के अपहरण और अवैध वसूली के मामले में...

एमपी में बेटियां आजीवन पूजी जाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नारी शक्ति के सम्मान और उनके...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...