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कांग्रेस छोड़ BJP में आए गिर्राज सिंह मलिंगा के सभी पैंतरे फेल, AEN से मारपीट मामले में पड़ा सुप्रीम कोर्ट का डंडा, 2 सप्ताह की मोहलत

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धौलपुर/जयपुर

धौलपुर जिले की बाड़ी विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे गिर्राज सिंह मलिंगा की मुश्किलें अब बढ़ने वाली है। करीब तीन साल पहले बिजली विभाग के एईएन जेईएन के साथ मारपीट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने डंडा चलाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मारपीट के मामले में आरोपी पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को दो सप्ताह में सरेंडर करने के आदेश दिए हैं। मलिंगा को पहले राजस्थान हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली जिसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी कोई राहत नहीं दी है। पीड़ित की ओर से एडवोकेट महमूद प्राचा, एडवोकेट आदित्य जैन और एडवोकेट मालती ने पैरवी की।

सरेंडर के बाद ही करेंगे आगे की सुनवाई – सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे। वे सुप्रीम कोर्ट से राहत पाने की उम्मीद में थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें बड़ा झटका मिला है। मलिंगा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें उनकी जमानत खारिज कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि पहले सरेंडर हों, उसके बाद ही इस केस में आगे की सुनवाई करेंगे।

मार्च 2022 का है मामला
दरअसल बिजली विभाग के एईएन और जेईएन के साथ मारपीट का मामला 28 मार्च 2022 का है। धौलपुर जिले के बाड़ी क्षेत्र में तत्कालीन विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा दौरे पर गए हुए थे। ग्रामीण क्षेत्र में जनसुनवाई के दौरान उन्हें बिजली विभाग के अफसरों की शिकायतें मिली तो वे एईएन जेईएन के दफ्तर पहुंच गए। वहां बहस के बाद झड़प और मारपीट हुई। एईएन और जेईएन के साफ गंभीर रूप से मारपीट की गई जिसका कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।

एईएन के 22 फेक्चर आए, ढाई साल एसएमएस में भर्ती रहे
मारपीट के दौरान बिजली विभाग के एईएन हर्षाधिपति के शरीर पर गंभीर चोटें आई थी। डॉक्टरों के मुताबिक घायल के शरीर में कुल 22 फ्रैक्चर हुए थे। शरीर की कई हड्डियां तोड़ दी गई। करीब ढाई साल तक घायल हर्षाधिपति जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती रहे। कई दिनों तक आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे। पिछले दिनों उन्हें अस्पताल में छुट्टी मिल गई लेकिन अभी तक वे चलने फिरने की स्थिति में नहीं है। उनका इलाज जारी है।

झूठ बोलकर जमानत लेने का भी आरोप
पूर्व विधायक द्वारा एईएन जेईएन के साथ मारपीट का मामला दो साल पहले काफी सुर्खियों में रहा। उनकी गिरफ्तारी की मांग उठी तो घटना के डेढ़ महीने बाद 11 मई 2022 को मलिंगा ने सरेंडर कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया लेकिन सात दिन बाद ही 17 मई को हाईकोर्ट ने मलिंगा को जमानत दे दी। जमानत के खिलाफ भी पीड़ित पक्ष के वकीलों ने याचिका लगाई और मलिंगा पर बीमारी का झूठा बहाना बनाकर जमानत लेने की बात कही। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने मलिंगा की जमानत रद्द करते हुए 30 दिन में सरेंडर करने के आदेश दिए लेकिन अभी तक उन्होंने सरेंडर नहीं किया। मारपीट के इस मामले में हत्या के प्रयास की धाराएं भी जुड़ी हुई हैं।

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए, चुनाव में हारे
तीन बार विधायक रहे गिर्राज मलिंगा को जब नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया तो उन्हें कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली। भाजपा ने उन्हें बाड़ी से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा लेकिन वे जीत नहीं सके। भाजपा प्रत्याशी रहे गिर्राज सिंह मलिंगा कांग्रेस प्रत्याशी जसवंत सिंह गुर्जर के सामने 27,424 मतों से हार गए।

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