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वैक्‍सीन नहीं कोविड से खुरदुरी हुई धमनियां बन रही हार्ट अटैक की वजह, लखनऊ PGI में बोले एक्‍सपर्ट

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लखनऊ

एक सामान्य व्यक्ति की धमनियां काफी स्मूद होती हैं, लेकिन कोविड संक्रमण की चपेट में आने वाले की धमनियों में खुरदुरापन होने के साथ ही सूजन पाई जा रही है। इन्हीं कारणों से क्लॉटिंग की समस्या आ रही है। पीजीआई में बुधवार को हुई प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी।

कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया की स्टडी के मुताबिक हार्ट अटैक के चलते अचानक होने वाली मौतों के पीछे यह एक बड़ी वजह है। उनका दावा है कि अचानक हार्ट अटैक पड़ने से जिनकी मौतें हुईं हैं, उनमें 30 से 40 वर्ष की आयु वाले ज्यादातर वे लोग थे जो कोविड की चपेट में आए थे। संगठन के 76वां वार्षिक सम्मेलन को लेकर पीजीआई में बुधवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विशेषज्ञों ने यह जानकारी देते हुए कोविड वैक्सीन से हार्ट अटैक की बात को सिरे से खारिज कर दिया।

कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के यूपी चैप्टर और पीजीआई के संयुक्त तत्वावधान में 76वें वार्षिक सम्मेलन का आयोजन 5 से 8 दिसंबर तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा। आयोजन की जानकारी देते हुए पीजीआई के प्रो. सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि इसमें देश-विदेश के करीब तीन हजार डेलीगेट्स हिस्सा लेंगे।

पीजीआई कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. आदित्य कपूर के मुताबिक अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी और यूरोपियन सोसायटी ऑफ कॉर्डियोलॉजी के पदाधिकारियों के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ब्रिटेन, स्पेन और नेपाल समेत कई यूरोपिय देशों से कार्डियोलॉजिस्ट इसमें शामिल होंगे। प्रो. अंकित साहू के मुताबिक सम्मेलन को स्टेट मेडिकल काउंसिल की तरफ से अप्रूवल मिल चुका है। लिहाजा शामिल होने वाले डेलीगेट्स को नौ पॉइंट्स मिलेंगे।

30 साल बाद लखनऊ में आयोजन
सम्मेलन के मुख्य आयोजक प्रो. सत्येंद्र तिवारी के मुताबिक साल 1995 के बाद अब लखनऊ में सम्मेलन हो रहा है। इसके पीछे लखनऊ में हुए विकास को बड़ी वजह बताया। पीजीआई कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. आदित्य कपूर के मुताबिक एयरपोर्ट से लेकर होटल और ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में हुए विकास को देखते हुए लखनऊ में आयोजन को मंजूरी मिली है।

एक लाख की आबादी पर एक कार्डियोलॉजिस्ट
कार्डियोलॉजिस्ट की कमी के मुद्दे पर प्रो. अवधेश ने बताया कि दस हजार की आबादी पर एक कार्डियोलॉजिस्ट होना चाहिए, जबकि इस समय एक लाख की आबादी पर एक है। साथ ही बताया गया कि सम्मेलन में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे।

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