राजस्थान। उम्र केवल एक संख्या है और यदि लक्ष्य हासिल करने का जज्बा हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। इस बात को राजस्थान के संगरिया निवासी ताराचंद अग्रवाल ने साबित कर दिखाया है। 71 वर्ष की आयु में उन्होंने देश की सबसे कठिन पेशेवर परीक्षाओं में से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की परीक्षा उत्तीर्ण कर नई मिसाल कायम की है। ताराचंद अग्रवाल ने करीब 37 वर्षों तक State Bank of Bikaner and Jaipur में सेवाएं दीं और असिस्टेंट जनरल मैनेजर (एजीएम) के पद से सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2020 में पत्नी के निधन के बाद वे अपने बेटे और पोती के साथ रहने लगे।
उनकी पोती जब सीए परीक्षा की तैयारी कर रही थी, तब ताराचंद अपने बैंकिंग अनुभव के आधार पर उसकी पढ़ाई में मदद करते थे और उसके विषय संबंधी सवालों का समाधान करते थे। पोती के सीए बनने के बाद उनके मन में भी यह चुनौती स्वीकार करने की इच्छा जागी और उन्होंने स्वयं सीए परीक्षा देने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने बिना किसी कोचिंग के पूरी तरह स्व-अध्ययन का रास्ता चुना। लगातार चार वर्षों तक प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई कर उन्होंने परीक्षा की तैयारी की। बढ़ती उम्र के कारण कंधों के दर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा।
उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने सीए फाइनल परीक्षा का एक ग्रुप पहले ही प्रयास में तथा दूसरा ग्रुप दो प्रयासों में उत्तीर्ण कर लिया।
इस उपलब्धि के साथ वे 71 वर्ष की आयु में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने वाले प्रेरणादायक व्यक्तित्वों में शामिल हो गए हैं। ताराचंद अग्रवाल की सफलता यह संदेश देती है कि सीखने और नए लक्ष्य हासिल करने की कोई उम्र नहीं होती। दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर जीवन के किसी भी पड़ाव पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
