रामपुर
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। फिल्म अभिनेत्री और पूर्व सांसद जयाप्रदा नाहटा ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि आजम खान को अपनी करनी की सजा मिली है। उन्होंने आगे कहा, राजनीति में एक दूसरे पार्टी के प्रति मतभेद जरूर होते हैं, लेकिन सत्ता का इतना घमंड भी नहीं होना चाहिए कि महिलाओं का सम्मान करना भूल जाएं और गरीब एवं मजलूमों के साथ बेइंतहा नाइंसाफी करने लगें।
जयाप्रदा ने कहा, ‘कोई कितना ही बड़ा इंसान क्यों ना हो, उसका घमंड एक दिन जरूर टूटता है। अब आजम खान का घमंड टूटा है और उनके घमंड की वजह से ही आज यह दिन देखना पड़ रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘जब मैं 2019 में रामपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ रही थी तब आजम खान ने मेरे बारे में अभद्र टिप्पणियां कर मुझे अपमानित किया और मुझे बहुत पीड़ा हुई। आज भी उस समय को याद करके मैं सिहर उठती हूं। यदि आजम खान ने उस समय अपने किए पर पश्चाताप किया होता, तो आज यह दिन न देखना पड़ता।’
‘मिलेगी बदजुबानी करने वालों को नसीहत’
जयाप्रदा ने आगे कहा, ‘कोर्ट ने आज़म खान को सजा देकर महिलाओं, मजलूमों व अधिकारियों के प्रति बदजुबानी करने वाले नेताओं को भी सीख दी है जिससे भविष्य में भड़काऊ और नफरत फैलाने भाषण जैसे गंभीर मामले सामने ना आएं।’
2019 के हेट स्पीच मामले में दोषी
आजम खान को साल 2019 के हेट स्पीच मामले में गुरुवार को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी करार दिया था। उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, आजम खान को तुरंत जमानत भी मिल गई थी। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना नेआजम खान की विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी।
हालिया विधानसभा चुनाव में जेल में रहते हुए आजम खान ने रामपुर से जीत हासिल की थी। उन्होंने विधायकी को बरकरार रखा था और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसकी जगह पर हुए उपचुनाव में सपा के हाथ से यह सीट निकल गई थी और बीजेपी को जीत मिली थी।
