नई दिल्ली
चेन्नई के मरीना तट में भारतीय वायुसेना का 92वां वर्षगांठ मनाया गया। इसमें भव्य तरीके से एयर शो का आयोजन किया गया। यहां पर भारी भीड़ होने से लोगों की परेशानी बढ़ी और पांच लोगों की मौत हो गई और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब इस मामले पर सियासत भी देखने को मिल रही है। भारतीय जनता पार्टी ने इसके लिए एमके स्टालिन सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं सत्तारूढ़ डीएमके ने मौतों के आंकड़ों को कम आंका है और कहा कि मंदिरों के कार्यक्रम में भी ऐसी ही घटनाएं हुई हैं।
चेन्नई एयर शो में हुई घटना पर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘चेन्नई एयर शो में पांच लोगों की दुखद मौत और 200 से अधिक लोगों का अस्पताल में भर्ती होना कोई त्रासदी नहीं है, यह एक राज्य प्रायोजित हत्या और आपदा है जिसके लिए सीधे तौर पर डीएमके सरकार और मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं क्योंकि उनकी और सरकार की प्राथमिकता वंशवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, डीएमके सरकार इस घटना के लिए जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री को एक कदम नीचे आकर इसकी जवाबदेही लेनी चाहिए।’
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए- AIADMK
चेन्नई एयर शो की घटना पर AIADMK ने भी डीएमके पर हमला बोला है। एआईएडीएमके नेता कोवई सत्यन ने कहा कि अगर स्वास्थ्य मंत्री में थोड़ी भी शर्म है तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। यह पहली बार नहीं है कि इस तरह की घटनाएं हुई हैं। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने अपना काम नहीं किया और लोगों को 5-10 किमी पैदल चलना पड़ा। पानी की कोई मशीन नहीं थी। खराब प्रबंधन के कारण एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। सभी का ध्यान स्टालिन और उनके बेटे और उनके परिवार पर था। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम को बर्खास्त कर देना चाहिए था।
डीएमके नेता ने मौतों के आंकड़े को कम आंका
डीएमके नेता केटीएस एलंगोवन ने लोगों की मौतों के आंकड़े को कमतर आंका है। उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा कि बहुत ही बड़ी संख्या में लोग मरीना बीच पर इकट्ठा हुए थे। कार्यक्रम इंडियन एयरफोर्स ने किया था। भीड़ बहुत ज्यादा थी। इसको मरीना बीच रोक नहीं सका। इस तरह की घटनाएं मंदिरों के कार्यक्रम में भी हुई है। विपक्षी नेता हमेशा हम पर कुछ भी आरोप लगाते हैं। वे कुछ भी मैनेज नहीं कर सकते। 100 से ज्यादा लोगों को अस्पताल ले जाया गया। राज्य सरकार ने सभी व्यवस्थाएं की हैं।
क्या है पूरा मामला
8 अक्टूबर को इंडियन एयरफोर्स के 92वें स्थापना दिवस से पहले 6 अक्टूबर को चेन्नई में एयर शो हुआ था। इसे देखने के लिए मरीना बीच पर करीब 15 लाख लोग इकट्ठा हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रैफिक अधिकारियों के खराब कॉर्डिनेशन की वजह से चेन्नई में लाखों लोग फंस गए। शहर के कई हिस्सों में इसी तरह की घटनाएं सामने आईं, जहां लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। इसके अलावा भारी भीड़ और गर्मी के चलते पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा लोग बेहोश हो गए। उनको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
