9.5 C
London
Wednesday, March 11, 2026
Homeराज्यबीजेपी नेता का दावा- गिरफ्तार नक्सली ने मांगी थी 10 AK-47 राइफलें,...

बीजेपी नेता का दावा- गिरफ्तार नक्सली ने मांगी थी 10 AK-47 राइफलें, पुलिस में दी शिकायत

Published on

रांची,

दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के साथ मिलकर 30 लाख रुपये के इनामी नक्सली दिनेश गोप को अरेस्ट किया है. पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) सुप्रीमो दिनेश गोप की गिरफ्तारी नेपाल से हुई है. बताया जा रहा है कि दिनेश नेपाल में सरदार का वेश बनाकर रह रहा था. जांच एजेंसियों को उसकी लंबे समय से तलाश थी. इसी बीच दिनेश गोप की भाजपा नेता से हुई बातचीत का ऑडियो सामने आया है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.

बताया जा रहा है कि नक्सली कमांडर दिनेश गोप ने रांची के BJP महानगर जिला महामंत्री बलराम सिंह को कॉल किया था. पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश ने उनसे फोन कर 10 AK-47 राइफल की मांग की थी.भाजपा नेता और पीएलएफआई सुप्रीमो के बीच हुई बातचीत के एक ऑडियो में राइफल नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई. इस मामले में भाजपा नेता बलराम सिंह ने गोंदा थाने में दिनेश गोप के खिलाफ केस दर्ज कराया है.

वायरल ऑडियो में क्या बातें हुईं?
पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत में बीजेपी नेता ने कहा कि फोन करने वाले ने खुद को पीएलएफआई सुप्रीमो बताते हुए कहा कि गांव में आपको लेकर बहुत नाराजगी है. इस पर बलराम सिंह ने कहा कि हम पिछले दस साल से गांव में रह रहे हैं. आज तक कोई परेशानी नहीं हुई. वह कोई सेठ नहीं हैं.

इस पर दूसरी ओर से कॉल करने वाले ने कहा कि संगठन को मदद करना है. इस पर बलराम सिंह ने कहा कि उन्हें क्या मदद चाहिए. इस पर दूसरी ओर से कहा गया कि सिर्फ 10 एके-47 राइफल देनी होंगी. यह लड़ाई की सामग्री है.

15 साल से पुलिस और सीआरपीएफ को थी तलाश
बता दें कि इस नक्सली लीडर की तलाश पुलिस और सीआरपीएफ दोनों 15 सालों से कर रहे थे. दिनेश गोप झारखंड में कई सालों से नक्सली गतिविधियों में एक्टिव था. उस पर 100 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इसके कई साथी अब तक फरार हैं.

पीएलएफआई सुप्रीमो को झारखंड पुलिस ने NIA के सहयोग से नेपाल से गिरफ्तार किया है. झारखंड के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप को झारखंड पुलिस और एनआईए ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर नेपाल से पकड़ा है. उसे दिल्ली लाया जा रहा है.

पहले भी हुई पकड़ने की कोशिश
इससे पहले नवंबर 2021 को भी दिनेश को पकड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह पुलिस के हत्थे चढ़ने से बचकर भाग निकला था. पश्चिम सिंहभूम के घोर नक्सल प्रभावित गुदड़ी थाना इलाके में पुलिस ने गुप्त सुचना पर दिनेश गोप और उसके दस्ते के लोगों को घेर रखा था. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, लेकिन उग्रवादी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला.

Latest articles

मंडी विकास के लिए नई भूमि अर्जन नीति मंजूर, 22 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को स्वीकृति

प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य...

हमीदिया अस्पताल में शुरू होगा ह्यूमन मिल्क बैंक, नवजातों को मिलेगा मां के दूध का विकल्प

भोपाल राजधानी भोपाल जल्द ही नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान...

देश में ऊर्जा संकट नहीं, घरों को मिलेगी 100% गैस: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी

वैश्विक बाजारों में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और...

एम्स भोपाल में थायराइड कैंसर और हाइपरथायरॉइडिज्म का अब शहर में ही सटीक इलाज

भोपाल राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान  ने चिकित्सा सुविधाओं में एक और बड़ी उपलब्धि...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...