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भिवंडी में बना छत्रपति शिवाजी का पहला मंदिर….महाराष्ट्र सीएम फडणवीस ने किया शुभारंभ, जानें क्या खास?

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मुंबई

महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर मचे घमासान के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भिवंडी में शिवाजी महाराज के मंदिर का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा राजा की जयंती के अवसर पर सोमवार को राज्य के ठाणे जिले के भिवंडी में छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित पहली बार मंदिर का उद्घाटन किया। इस मंदिर में छत्रपति शिवाजी की कौशल और उनकी महानता को प्रदर्शित किया गया है। मंदिर में स्थापित की गई प्रतिमा अरुण योगीराज ने बनाई है। रामलला की मूर्ति भी उन्होंने ने ही बनाई है।

क्या बोले सीएम फडणवीस?
सीएम फडणवीस ने कहा कि मंदिर को जल्द ही तीर्थ स्थल का दर्जा दिया जाएगा। “शिवाजी महाराज के लिए एक मंदिर क्यों है? ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्होंने भगवान, देश और धर्म के लिए लड़ाई जीती थी।फडणवीस ने इस मौके पर कहा कि उन्होंने हमें वह बनाया जो हम आज हैं ‘हिंदू’। फडणवीस ने कहा कि जिस तरह भगवान राम की पूजा करने के अनुभव को पूरा करने के लिए भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेना चाहिए, उसी तरह किसी अन्य देवता का आशीर्वाद लेने से पहले छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करनी चाहिए।

अरुण योगीराज ने बनाई मूर्ति
शिवाजी महाराज का यह मंदिर किलों की वास्तुकला की भव्यता से प्रेरित है। यह कुल 2,500 वर्ग फीट के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी चारदीवारी किले जैसी है। जो अतिरिक्त 5,000 वर्ग फीट को कवर करती है। मंदिर में छत्रपति शिवाजी महाराज की एक मूर्ति है। इसे प्रसिद्ध कलाकार अरुण योगीराज ने बनाया है। योगीराज ने ही अयोध्या में राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति बनाई थी।छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति 6.5 फीट ऊंची है। यह मंदिर की एक मुख्य विशेषता है।

कौन हैं मंदिर का आर्किटेक्ट?
शिवाजी महाराज के इस मंदिर नक्शा वास्तुकार विजयकुमार पाटिल ने तैयार किया है। इसमें किले जैसी सीमा, बुर्ज और एक भव्य प्रवेश द्वार शामिल है। प्रवेश द्वार 42 फीट ऊंचा है, और मंदिर में पाँच शिखर हैं। मंदिर के डिजाइन में किलों के विशिष्ट तत्व शामिल हैं। इसमें 42-फुट हॉल (सभा मंडप) और गोलाकार बुर्ज शामिल हैं। निगरानी मार्ग और सैन्य संरचनाओं की विशिष्ट अन्य विशेषताएं भी मंदिर में मौजूद हैं, जिसे पत्थरों का उपयोग करके बनाया गया है, जो इसकी मजबूती को दर्शाता है। इतना ही नहीं इससे इस खबसूरत लुक मिला है।

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