जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुद्वारे पहुंचकर मत्था टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली के लिए अरदास की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सिख समुदाय की समृद्ध विरासत और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि सिख परंपरा पूरी दुनिया को सादगी और समानता का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे में दर्शन के उपरांत उपस्थित संगत को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी गौरवशाली सिख परंपरा ने सदैव ‘सरबत दा भला’ (सबका भला) और मानवता की सेवा को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने सिख गुरुओं के बलिदान और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य व न्याय के मार्ग को याद करते हुए उन्हें नमन किया। श्री शर्मा ने इस अवसर पर कहा, “सिख परंपरा सादगी से समानता का पाठ पढ़ाती है।”
उन्होंने गुरुद्वारों में प्रचलित ‘लंगर’ की व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि यहाँ कोई छोटा या बड़ा नहीं होता, सभी एक ही पंक्ति में बैठकर भोजन करते हैं, जो सामाजिक समरसता और समानता का सबसे उत्तम उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सिख समुदाय का गौरवशाली इतिहास और उनकी देश-भक्ति की भावना हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
