चंडीगढ़। पंजाब में राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के बाद कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुद्दे पर सीधा मोर्चा संभालते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी अभी से शुरू कर दी है, लेकिन यह तैयारी जनता के बीच जाने के बजाय ईडी, सीबीआई और डराने-धमकाने की राजनीति के माध्यम से की जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस वार्ता के दौरान 9 प्रमुख बिंदुओं पर केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि देश में “नॉन-बीजेपी” सरकारों का गला घोंटा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि आज सरकार भारत से नहीं बल्कि “व्हाइट हाउस और डोनाल्ड ट्रंप” के इशारों पर चल रही है, जिससे देश ‘विश्व गुरु’ बनने के बजाय ‘विश्व चेला’ बन गया है। उन्होंने राज्यपालों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि पंजाब जैसे राज्यों में गवर्नर जानबूझकर दो-दो साल तक बिलों को लटका कर रखते हैं, जिससे चुनी हुई सरकार को न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ता है।
सीएम मान ने पंजाब बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वहां अब असली बीजेपी नहीं, बल्कि ‘कांग्रेस विंग’ चल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री और सांसद अपनी फाइलें दबवाने के लिए बीजेपी की “वॉशिंग मशीन” में जाकर ‘दूध के धुले’ हो रहे हैं। उन्होंने संजीव अरोड़ा की रेड को बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा कि उपचुनावों में बीजेपी की हार का बदला लेने के लिए मंत्रियों को निशाना बनाया जा रहा है।
