पटना
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आरजेडी से नाराज चल रहे हैं? आरजेडी नेता और मंत्रियों से भी नाराज हैं? बुधवार को नीतीश कुमार ने साफ-साफ इस ओर इशारा भी कर दिया और नाखुशी का कारण भी बता दिया। दरअसल, बिहार में जब से महागठबंधन की सरकार बनी है, तब से घटक दलों में क्रेडिट लेने की होड़ सी मच गई है। इस मामले में लालू यादव की पार्टी सबसे आगे है। ऐसा नीतीश कुमार के बयान से लग रहा है। यही कारण है कि बुधवार को मंच से ही घटक दलों के साथ-साथ आरजेडी को भी खूब सुनाया। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार की उपलब्धियों का इस्तेमाल मंत्री अपने-अपने दलों की छवि चमकाने के लिए कर रहे हैं, जो गलत है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड के 11वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह टिप्पणी की। इस कार्यक्रम में उन्होंने लगभग 14,000 करोड़ रुपये की बिजली परियोजनाओं का अनावरण किया। राज्य में सात दलों के महागठबंधन की सरकार है। जेडीयू नेता और बिजली मंत्री बिजेंद्र यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता और नीतीश सरकार में राजस्व व भूमि सुधार मंत्री आलोक मेहता समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे।
बिना नाम लिए आरजेडी पर साधा निशाना
नीतीश कुमार ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि मैंने देखा है कि मेरे कई मंत्री सुर्खियां बटोरने के चक्कर में सरकार के अच्छे काम का श्रेय अपनी ही पार्टियों को दे देते हैं। यह उचित नहीं है। जब भी मैं बिहार में किए गए किसी अच्छे काम का जिक्र करता हूं तो मैं इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में नहीं बताता हूं। इसी तरह, सभी मंत्रियों को यह याद रखना चाहिए कि उन्हें समग्र रूप से सरकार को श्रेय देना चाहिए न कि अपनी पार्टियों को।
बिहार शिक्षक भर्ती पर नसीहत
माना जा रहा है कि नीतीश कुमार शिक्षक भर्ती को लेकर आरजेडी और उनके मंत्रियों को नसीहत दी है। दरअसल, कुछ दिनों से आरजेडी नेता लगातार कह रहे हैं कि तेजस्वी यादव के कारण बड़े पैमाने पर बिहार शिक्षकों की बहाली निकाली गई। आरजेडी अपने वादे को धीरे-धीरे पूरा कर रही है। नीतीश कुमार के नसीहत वाले बयान के बाद ही आरजेडी ने ट्वीट कर कहा कि तेजस्वी यादव के कारण रोजगार, नौकरियों और अवसरों में बिहार इतिहास रच रहा है।
नीतीश बार-बार कहते हैं- ‘पहले कुछ हुआ था’
नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2005 में बिहार में सरकार बनी थी। 18 वर्षों में उनके सहयोगी जरूर बदले, लेकिन सीएम नीतीश कुमार ही रहे। हालांकि 2014 में एक साल के लिए जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन बाद में फिर नीतीश अपने हाथों में सत्ता ले ली। नीतीश कुमार कई मौकों पर कहते रहे हैं कि पहले बिहार में कुछ नहीं हुआ था। उनका इशारा लालू-राबड़ी शासन की ओर ही रहता है। भले ही साथी बीजेपी हो या आरजेडी। ऐसे में समझा जा सकता है कि नीतीश कुमार की आज की नसीहत किसके लिए था।
