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फिरोज अंसारी के ‘खेल’ से बिहार सरकार को 1379230 रुपये का झटका, मौजा के ‘मायाजाल’ से सकते में साहब

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आरा:

भोजपुर जिले के बिहिया में जमीन की खरीद-बिक्री में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। इस घोटाले में शातिर कारोबारियों ने राजस्व विभाग को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। मुख्य आरोपी फिरोज अंसारी ने मिलीभगत करके जमीन का मौजा (गांव) बदलवाकर रजिस्ट्री करा ली। इसके बाद अंचल कार्यालय से उसका दाखिल-खारिज भी करवा लिया। धोखाधड़ी के उजागर होने के बाद जिला अवर निबंधन कार्यालय, आरा ने अंसारी को 13 लाख 79 हजार 230 रुपये सरकारी खजाने में जमा करने का आदेश दिया है।

चौंका रहा है यह मामला
दरअसल, बिहार के बिहिया में जमीन के काले कारोबार का यह मामला लोगों को चौंका रहा है। फिरोज अंसारी नाम के एक व्यक्ति ने राजस्व विभाग को भारी नुकसान पहुंचाया है। उसने जमीन का मौजा बदलकर रजिस्ट्री कराई और दाखिल-खारिज भी करवा लिया। अब इस घोटाले के सामने आने के बाद, निबंधन कार्यालय ने अंसारी को 13 लाख 79 हजार 230 रुपये जमा करने का आदेश दिया है।

‘मौजा’ बदलने का मायाजाल क्या है?
नोटिस के अनुसार, फिरोज अंसारी के नाम पर एक जमीन का दस्तावेज है। दस्तावेज संख्या 11084/14 में जमीन का पता अंचल बिहिया, मौजा धरहरा, थाना नंबर 141, खाता 564, खेसरा 28, रकबा 62.5 डिसमिल दर्ज है। जांच करने पर पता चला कि अंसारी ने बिहिया मौजा की जमीन को कागजों में धरहरा मौजा का बताकर रजिस्ट्री करवा ली थी। इसके बाद, अंसारी ने एक और चालाकी की। उसने इस गलती को सुधारने के लिए सिविल कोर्ट में मुकदमा (संख्या 20/15) दायर कर दिया। कोर्ट में आपसी समझौते के आधार पर आदेश पारित करवाकर उसी जमीन का दाखिल-खारिज मौजा बिहिया, थाना नंबर 147 के अंतर्गत करवा लिया।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
बिहिया के अंचल अधिकारी (सीओ) की जांच रिपोर्ट और शिकायतकर्ता अविनाश कुमार शर्मा के आवेदन ने इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया। जांच में पता चला कि कोर्ट के आदेश की आड़ में असली रजिस्ट्री के दस्तावेजों से अलग जमाबंदी कायम कराई गई। इस पूरे खेल का मकसद सरकार को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाना था। नोटिस में साफ कहा गया है कि यह काम राजस्व चोरी करने की नीयत से किया गया है।

सरकारी खजाने में रकम जमा करने का आदेश
जिला अवर निबंधन कार्यालय ने फिलहाल फिरोज अंसारी को राजस्व चोरी की रकम के तौर पर 13 लाख 79 हजार 230 रुपये सरकारी खजाने में जमा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच और कार्रवाई की संभावना भी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राजस्व चोरी के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

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