नालंदा
ऑनलाइन जॉब तलाशने वालों पर उनकी नजर रहती थी। वे लोग ऐसे बेरोजगारों की तलाश करते थे, जो तुरंत पैसा कमाने की फिराक में रहते हैं। वे अपने साइट पर लोगों को ऑफर देते हुए कहते थे। आप बेरोजगार हो, खूबसूरत होने के साथ तंदुरुस्त भी हो। आपको मौज- मस्ती के साथ मजे वाली जॉब करनी है। उसके साथ ही मोटी रकम कमानी है। आप आइए और प्ले बॉय बन जाइए। आप आइए और जिगोलो बन जाइए। महिलाओं के साथ रात भर मस्ती कीजिए। बदले में मोटी रकम लेकर घर जाइए। जी हां, कुछ ऐसे ही ऑफर देते थे, नालंदा के तीन साइबर शातिर।
प्ले बॉय के नाम पर ठगी
मनपसंद लड़कियों से शारीरिक संबंध बनाने और उनसे शादी करने के अलावा जिगोलो और कॉल बॉय बनाने की नौकरी का झांसा देने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। नालंदा में साइबर थाना पुलिस ने अस्थावां थाना के सहयोग से उगावा गांव में छापेमारी कर एक कथित बड़ी कंपनी का पर्दाफाश किया है। ये कंपनी लोगों को प्ले बॉय, कॉल बॉय और जिगोलो की नौकरी देती थी। ये लोग भोले- भाले युवाओं को फंसाते थे। पुलिस ने इनके पास से पांच मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
साइबर थाना इंस्पेक्टर अमरेंद्र कुमार ने बताया कि इंडियन जिगोलो क्लब प्राइवेट लिमिटेड नाम से फर्जी साइट बनाकर प्ले बॉय की नौकरी का झांसा देते थे। इस साइट से जुड़ने वाले बेरोजगार युवक को रजिस्ट्रेशन और होटल में लड़कियों से मिलाने के नाम पर पैसे की ठगी की जाती थी। इसके अलावा अन्य तरह का भी लालच देकर ये लोगों से ठगी कर रहे थे। भारत सरकार के साइबर पोर्टल प्रहार और तकनीकी इनपुट के आधार पर उगावा गांव से मुन्ना प्रसाद के पुत्र रूपेश कुमार, अलखदेव देव प्रसाद के पुत्र राजेश कुमार और मनय पासवान के पुत्र सूरज कुमार पासवान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
क्या है ये धंधा?
बहुत कम लोग हैं जो पुरुष वेश्यावृत्ति या प्ले बॉय के बारे में जानते हैं। जिन्हें जिगोलो कहा जाता है। यह एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें जोर जबरदस्ती नहीं बल्कि स्वेच्छा से लोग शामिल होते हैं और इन की खरीद-फरोख्त भी स्वेच्छा से ही की जाती है। यानी कि यह पुरुष वेश्यावृत्ति है। ये धंधा मेट्रो सिटी में ज्यादा फल- फूल रहा है। हाल में इसी धंधे पर आधारित नेटफ्लिक्स पर एक वेब सीरीज भी आई थी। जिसका नाम ‘त्रिभुवन मिश्रा, सीए टॉपर’ था। इसमें जिगोलो और प्ले बॉय के धंधे के बारे में विस्तार से दिखाया गया है।
