अमरावती
महाराष्ट्र के अमरावती जिले के ग्रामीण इलाके में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मौके पर निकाली गई यात्रा के दौरान ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा’ जैसे नारे लगाए गए। दिनदहाड़े इस तरह के आपत्तिजनक और भड़काऊ नारों के बाद स्थानीय पुलिस ने 8-10 अनजान लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि जब यह यात्रा निकाली जा रही थी तब वहां पुलिस भी मौजूद थी। इस पूरी घटना के बाद जिले के प्रतापवाड़ा पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 153 (अ) 505 (2) और 135 मुंबई पुलिस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि बाकी लोग फरार बताए जा रहे हैं। इस मामले में बीजेपी (BJP) नेता निवेदिता चौधरी ने पुलिस को दिए निवेदन में यह कहा है कि उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के बाद इसी तरह का नारा लगाया गया था।
अमरावती जिले में अचलपुर और परतवाड़ा को बेहद संवेदनशील इलाका माना जाता है। यहां पहले भी झंडा लगाए जाने को लेकर पहले दो गुटों के बीच विवाद का मामला अभी तक ठंडा नहीं हुआ है। इसी बीच जुलूस के दौरान इस तरह के भड़काऊ नारों ने अमरावती पुलिस की मुसीबत को फिर बढ़ा दिया है। अमरावती जिला बीते कुछ महीनों से किसी न किसी वजह से चर्चा में है। फिर चाहे वो अमोल कोल्हे की हत्या का मामला हो या फिर सांसद नवनीत राणा द्वारा उठाया गया लव जिहाद का मामला। यह वही मामला है जिसमें नवनीत राणा पुलिस स्टेशन में पुलिस अधिकारियों के साथ बहस करती हुई नजर आई थीं।
पोस्ट शेयर करने पर हुई थी हत्या
जून में महाराष्ट्र के फार्मासिस्ट उमेश कोल्हे की अमरावती में हत्या हुई थी। सरेराह हुई हत्या ने पूरे देश में सनसनी मचा दी थी। 54 वर्षीय उमेश कोल्हे की 21 जून की रात करीब 10 बजे हत्या कर दी गई थी। हत्या की यह वारदात उस समय हुई थी, जब वह अपनी केमिस्ट की दुकान से रात को घर लौट रहे थे। कुछ बाइक सवारों ने उनके गर्दन पर चाकू से कई वार किए थे। उमेश की हत्या पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में कुछ वॉट्सऐप ग्रुपों पर एक पोस्ट शेयर करने को लेकर हुई थी। यह मामला उस समय का है जब नुपुर शर्मा पर पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था।
