लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सत्तारूढ़ भाजपा के सहयोगी अपना दल नेता आशीष पटेल ने अपने और विभाग के ऊपर लग रहे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर फिर से बयान दिया है। उन्होंने धरना दे रहीं पल्लवी पटेल पर किसी बाहरी व्यक्ति के इशारों पर खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि साजिशों के जाल बुनते रहिए, मैं डरने वालों में नहीं हूं। इसके साथ ही आशीष ने यह भी कहा कि वह थप्पड़ खाने वाले विधायक योगेश वर्मा नहीं हैं, जो मजबूरी में चुप रह जाएं।
योगी सरकार के मंत्री आशीष ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर अपने खिलाफ की जा रही साजिश की कोशिश को बेबुनियाद ठहराया है। विधायक पल्लवी पटेल ने योगी सरकार में मंत्री आशीष पटेल पर आरोप लगाकर प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। पल्लवी पटेल ने कैबिनेट मंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, इस मुद्दे को विधानसभा में बोलने की अनुमति न मिलने के बाद सपा विधायक पल्लवी पटेल धरने पर बैठ गई थी।
आशीष ने पोस्ट में लिखा-
1- धरनारत विधायक के साथ धरने पर बैठे और किसी बाहरी व्यक्ति से लगातार निर्देश प्राप्त कर रहे दो व्यक्ति कौन थे, जो उस समय देर रात राज्य के सबसे सुरक्षित परिसर विधानसभा में मौजूद थे, जहां सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद परिंदा भी पर नहीं मार सकता? किस पुलिस अधिकारी ने सारे नियमों को ताक पर रख कर इन्हें विधानसभा परिसर में आने की अनुमति दी?
2- 1700 करोड़ के बजट वाले राज्य के सूचना विभाग का काम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी और माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ की अगुवाई वाली सरकारों की नीतियों, कार्यक्रमों की जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाने की है।
हालांकि विभाग के छोटे अधिकारी इसका उपयोग कर अपनी ही सरकार के मंत्रियों के मान मर्दन और चरित्र हनन में जुटे हैं। क्या इनका काम मंत्रियों पर झूठे आरोपों को रोकने के बजाय शह देना और अधूरे तथ्यों को उपलब्ध कराकर भ्रम पैदा कर खिलाफ में खबरें छपवाना है?
साजिश रचने वाले समझ लें, मैं माननीय विधायक योगेश वर्मा नहीं हूं, जो थप्पड़ खाने और अपमानित होने के बावजूद किसी मजबूरी में चुप रह गए। मैं सरदार पटेल का वंशज हूं। डरना नहीं मुकाबला करना मेरी फितरत में है। कोई कंकड़ फेंकेगा तो जवाब पत्थर से मिलेगा।
एक बात और, कितनी भी साजिश रचें, चरित्रहनन की कोशिश करें, अपना दल (एस) सामाजिक न्याय से जुड़े मामले उठाते रहेगा। चाहे जो भी कीमत चुकानी पड़े, सामाजिक न्याय की आवाज बंद नहीं होगी। चाहे 69 हजार शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी का मामला हो या ऐसे ही अन्य मामले। हमारी पार्टी ने पूरी ताकत से अपनी बात रखी है और आगे भी उसी मजबूती से अपनी बात रखेंगे।
अंत में
कुछ लोग जो खामोश हैं ये सोच रहे हैं
सच बोलेंगे जब सच के जरा दाम बढ़ेंगे
दरअसल सिराथू सीट से समाजवादी पार्टी विधायक पल्लवी पटेल ने रिश्ते में जीजा लगने वाले अपना दल के MLC और योगी सरकार में मंत्री आशीष पटेल पर भ्रष्टाचार का मुद्दा सदन में उठाना चाहा तो उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इसके बाद वह धरने पर बैठ गईं। इसके पलटवार में आशीष ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पल्लवी की फोन कॉल डिटेल से पता चल जाएगा कि वह कहां से ऑपरेट हो रही हैं।
अगर PM मोदी कहें तो एक सेकंड में इस्तीफा दे दूंगा- आशीष पटेल
आशीष पटेल के खिलाफ शिकायत करने वालों में भाजपा विधायकों के साथ-साथ अनुप्रिया पटेल की बहन और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल भी हैं, लेकिन आशीष पटेल ने इन आरोपों पर यह कहकर सियासी तापमान को बढ़ा दिया है कि पल्लवी पटेल के पीछे कौन खड़ा है और किसकी शह पर उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं ये सभी जानते हैं. यही नहीं आशीष पटेल ने यह कहकर भी सियासत को और गरमा दिया है कि अगर प्रधानमंत्री या गृह मंत्री इशारा भी कर दें तो एक सेकंड भी नहीं लगेगा और इस्तीफा दे देंगे. आरोप लगे तो आशीष पटेल ने इस मुद्दे को अपना दल की अस्मिता से जोड़ने की कोशिश की, कहा यह सब कौन करवा रहा है किसी से छिपा नहीं है.
क्या था योगेश वर्मा का थप्पड़ कांड?
लखीमपुर खीरी में अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के चुनाव को लेकर बीजेपी विधायक को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश सिंह ने पुलिस के सामने ही पीट दिया था, उनकी पत्नी पुष्पा सिंह ने आरोप लगाया था कि विधायक योगेश वर्मा शराब पिए हुए थे और उन्होंने मुझे धक्का दिया. उन्होंने बताया था कि वो बीजेपी महिला मोर्चा की जिला प्रभारी हैं और अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की अध्यक्ष रह चुकी हैं. हालांकि बाद में बीजेपी ने पति और पत्नी दोनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया था.
