गाजियाबाद,
करीब दो साल पहले अपने एक विवादास्पद बयान के बाद राजनीतिक पटल से लगभग गायब हुईं नूपुर शर्मा ने आखिर अपनी चुप्पी तोड़ी है. गाजियाबाद के रामप्रस्था ग्रीन कैंपस में आयोजित एक भागवत कथा के दौरान पूर्व बीजेपी नेता नूपुरशर्मा ने पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी. नूपुरने आरोप लगाया कि इस देश में सनातनियों को खत्म करने की एक साजिश हुई, जिसे उन्होंने महसूस किया है.
राहुल गांधी का नाम लिए बिना नूपुर ने कहा कि जब ऊंचे पदों पर बैठे लोग ये कहते हैं कि हिंदू हिंसक हैं या जब कुछ अन्य लोग कहते हैं कि सनातनियों का सफाया कर दो, तो उस साजिश को समझना चाहिए. नूपुर शर्मा ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो अपने ही देश में एक हिंदू बेटी को इतने सुरक्षा घेरे में जिदंगी नहीं गुजारनी पड़ती. उन्होंने कहा कि वो कुछ भी कहें, तो वाह-वाह और अगर मैं कुछ कहूं तो सिर तन से जुदा. ऐसा नहीं चलेगा. हमारा देश अपने संविधान से चलेगा, न कि किसी मजहबी या शरिया कानून के हिसाब से चलेगा.
नूपुर ने राहुल का नाम लिए बिना क्यों साधा निशाना?
दरअसल, 1 जुलाई को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि हिंदुस्तान अहिंसा का देश है, यह डरता नहीं है. हमारे महापुरुषों ने यह संदेश दिया- डरो मत, डराओ मत. शिवजी कहते हैं- डरो मत, डराओ मत. दूसरी तरफ जो लोग अपने आपको हिंदू कहते हैं वो 24 घंटे हिंसा-हिंसा-हिंसा..नफरत-नफरत-नफरत… आप हिंदू हो ही नहीं. हिंदू धर्म में साफ लिखा है सच का साथ देना चाहिए.’ राहुल के बयान पर पीएम मोदी खड़े हुए और इसे गंभीर बात बताया. पीएम मोदी ने कहा कि पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना गंभीर बात है. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी और बीजेपी पूरा हिंदू समाज नहीं है.
इस कार्यक्रम में शामिल हुईं नूपुर
भागवत कथा के आयोजक और रामप्रस्था ग्रुप के चीफ जनरल मैनेजर भास्कर गांधी ने कहा कि कैंपस में दुर्गा मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के तहत पिछले 4 दिन से भागवत कथा चल रही है. इसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने नूपुर शर्मा भी आईं थीं.
