जयपुर
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रदेश के बजट को दिल्ली से आया हुआ खोखला बजट करार दिया है। डिप्टी सीएम दीया कुमारी की ओर से बजट पेश करने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बेनीवाल ने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री के नाम की पर्ची दिल्ली से आई थी। उसी तरह पर्ची सरकार का यह बजट भी दिल्ली से टाइप होकर आया है। राज्य की वित्त मंत्री को पता ही नहीं कि जिन कार्यों की स्वीकृति चार महीने पहले ही हो चुकी थी। उन कार्यों को फिर से शामिल करके बजट का हिस्सा बना दिया गया। इससे यह साबित होता है कि अधिकतर बजट घोषणाएं सिर्फ दिखावा मात्र है। खुद सरकार को ही पता नहीं कि वे बजट के जरिए प्रदेश की जनता को क्या देना चाहते हैं।
मेड़ता और जायल की सड़कें पूर्व में स्वीकृत हो चुकी
जयपुर में मीडिया से बात करते हुए हनुमान बेनीवाल ने कहा कि उन्होंने बजट भाषण को देखा तो वे हैरान रह गए। उसमे नागौर जिले के मेड़ता और जायल क्षेत्र से संबंधित जिन सड़कों और खाटू में ROB की घोषणा हुई, उन कार्यों की स्वीकृति तो मार्च 2024 में ही CRIF योजना के अंतर्गत हो चुकी थी। बेनीवाल ने कहा कि इन कार्यों के लिए उन्होंने सांसद बनने के पहले कार्यकाल में ही केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिए थे। इन कार्यों को फिर से बजट का हिस्सा दिखाना हास्यास्पद है। इससे साफ पता चलता है कि बजट तैयार करने वाले अफसरों ने सीएम और डिप्टी सीएम को बेवकूफ बनाते हुए बजट तैयार किया। उन्होंने कहा कि अफसरों का क्या बिगड़ा, फजीहत को सरकार की हो रही है।
बेनीवाल ने कहा कि बजट में गांव, किसान, मजदूर और युवाओं के कल्याण से जुड़ी ठोस कार्य योजनाओं का अभाव नजर आया। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री की ओर से बार बार केंद्र की योजनाओं का जिक्र किया जा रहा था और पीएम मोदी की तारीफ की जा रही थी। जहां राज्य की जनता के हित के लिए बजट पेश करना था, वहीं केवल अपने आकाओं की तारीफों के पुल बांधे जाते रहे। ऐसा करके सीएम और डिप्टी सीएम अपनी कुर्सी बचाने का प्रयास करते नजर आए। उन्हें डर है कि अगर तारीफ नहीं की तो कहीं कुर्सी ना चली जाए।
5 साल में 4 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात केवल दिखावा
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि 5 साल में 4 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात करना केवल दिखावा मात्र है। इस साल एक लाख भर्तियां करने की घोषणा की गई लेकिन जनवरी से लेकर जून तक एक भी नई भर्ती की विज्ञप्ति नहीं निकाली। बेनीवाल ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भाजपा ने किसान कर्ज माफी की घोषणा को लेकर 5 साल तक कांग्रेस का मजाक बनाया था। वही भाजपा आज सत्ता में है लेकिन किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी के संदर्भ में बजट में कोई भी बात नहीं की गई। यह सरकार के दोहरे चरित्र का परिचायक है। किसानों की कर्ज माफी करने, स्टेट हाईवे को टोल फ्री करने, बूंद -बूंद सिंचाई योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले कृषि कनेक्शन को एक वर्ष में ही सामान्य श्रेणी में तब्दील करने जैसे निर्णय का अभाव इस बजट में नजर आया जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
